जगन्नाथ शंकरशेठ// एक दूरदर्शी परोपकारी, शिक्षाविद और समाज सुधारक थे। उन्हें आधुनिक मुंबई (तत्कालीन बंबई) का निर्माता माना जाता है。

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जगन्नाथ शंकरशेठ मुरकुटे (10 फरवरी 1803 – 31 जुलाई 1865), जिन्हें प्यार से नाना शंकरशेठ कहा जाता है, एक दूरदर्शी परोपकारी, शिक्षाविद और समाज सुधारक थे। उन्हें आधुनिक मुंबई (तत्कालीन बंबई) का निर्माता माना जाता है。
मुंबई और भारत के निर्माण में उनका योगदान निम्नलिखित है:
रेलवे के जनक (भारतीय रेलवे): भारत में पहली रेलगाड़ी चलाने वाली समिति में वे प्रमुख थे。 वे ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे (GIPR) के पहले भारतीय निदेशकों में से एक थे。
शिक्षा का प्रसार: उन्होंने 1824 में मुंबई नेटिव एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना की, जो बाद में प्रसिद्ध एल्फिंस्टन कॉलेज बना。 वे मुंबई विश्वविद्यालय के संस्थापकों में से एक थे。

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बॉम्बे विधान परिषद: वे बॉम्बे (मुंबई) की विधान परिषद में नामांकित होने वाले पहले भारतीय थे
शहर का पुनर्निर्माण: 1857 के बाद बंबई शहर को आधुनिक और हवादार बनाने में उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया。
उनके सम्मान में, महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई सेंट्रल स्टेशन का नाम बदलकर ‘नाना जगन्नाथ शंकरशेठ स्टेशन’ करने का प्रस्ताव रखा है。

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