अब्राहम लिंकन//उनका जन्म एक साधारण लकड़ी केबिन में,उनका जीवन घोर गरीबी से निकलकर सर्वोच्च पद तक पहुँचने की एक महान प्रेरणादायक कहानी है。 

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अब्राहम लिंकन

संयुक्त राज्य अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति (1861-1865) थे。 उन्होंने अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान देश का नेतृत्व किया, दास प्रथा को समाप्त किया और संघ (देश) को एकजुट रखा。 उनका जीवन घोर गरीबी से निकलकर सर्वोच्च पद तक पहुँचने की एक महान प्रेरणादायक कहानी है。 

प्रारंभिक जीवन
जन्म: 12 फरवरी, 1809 को हॉडजेनविले, केंटकी (अमेरिका) के एक साधारण लकड़ी केबिन में。 

बचपन: उनका बचपन अत्यधिक गरीबी में बीता। उनके पिता थॉमस लिंकन एक गरीब किसान थे。
शिक्षा: केवल 9 वर्ष की आयु में उनकी माता नैन्सी हैंक्स का निधन हो गया。 उनकी औपचारिक शिक्षा केवल 18 महीने की थी, लेकिन पढ़ने की तीव्र लगन के कारण वे किताबें मांगकर स्वयं अध्ययन करते थे。 

American Battlefield Trust
 
राजनीतिक करियर और वकालत
संघर्ष: आजीविका के लिए उन्होंने लकड़हारा (rail splitter), पोस्टमास्टर और क्लर्क जैसे कई छोटे काम किए。 इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की और 1836 में वकील बन गए。
राजनीति: 1834 में वे इलिनोइस की राज्य विधानसभा के लिए चुने गए और 1847 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) के सदस्य बने। 
अमेरिका के राष्ट्रपति और गृहयुद्ध
1860 में रिपब्लिकन पार्टी से वे अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति चुने गए。
उनके राष्ट्रपति बनते ही अमेरिका के दक्षिणी राज्यों ने दास प्रथा के मुद्दे पर बगावत कर दी, जिससे अमेरिकी गृहयुद्ध (American Civil War) छिड़ गया。 


1863 में उन्होंने ‘मुक्ति उद्घोषणा’ (Emancipation Proclamation) जारी की, जिसने दक्षिणी राज्यों के लाखों गुलामों को कानूनी रूप से स्वतंत्र कर दिया。 


दास प्रथा का अंत और निधन
लिंकन के नेतृत्व में उत्तरी राज्यों (Union) ने जीत हासिल की。 इसके बाद देश के संविधान में 13वां संशोधन करके दास प्रथा को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया。
1864 में वे भारी बहुमत से दोबारा राष्ट्रपति चुने गए。
मृत्यु: 14 अप्रैल 1865

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