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प्रेस विज्ञप्ति

तम्देह पर्व एवं आषाढ़ संक्रांति 15 जून, सोमवार को – महंत रोहित शास्त्री, ज्योतिषाचार्य

जम्मू-कश्मीर: डुग्गर प्रदेश में विशेष महत्व रखने वाला तम्देह पर्व इस वर्ष 15 जून, सोमवार को आषाढ़ संक्रांति के अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं श्रद्धाभाव से मनाया जाएगा।

तम्देह पर्व एवं आषाढ़ संक्रांति के विषय में श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं प्रधान ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि डुग्गर प्रदेश में इन पर्वों का अत्यंत आध्यात्मिक व सांस्कृतिक महत्व है। इस दिन सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव का यह गोचर 15 जून, सोमवार को दोपहर 12 बजकर 52 मिनट पर होगा, जिससे आषाढ़ मास का आरंभ माना जाएगा। संक्रांति का पुण्य काल सुबह 06: 28 से सायं तक रहेगा।

इस दिन पवित्र नदियों व सरोवरों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। यदि किसी कारणवश व्यक्ति पवित्र जलाशयों में स्नान नहीं कर सके तो घर में ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना पुण्यदायी माना गया है।

इस दिन विवाहित बेटियों, कुल पुरोहितों एवं ब्राह्मणों को यथाशक्ति भोजन, छाता, खड़ाऊँ, आँवला, आम, खरबूजा, वस्त्र, जल से भरा घड़ा, पंखा, मिष्ठान्न, दक्षिणा आदि का दान कर एक समय भोजन करना चाहिए।

लोग इस दिन मीठे जल की छबीलें लगाते हैं। मान्यता है कि जल आदि का दान करने से पूर्वजों को भी यह प्राप्त होता है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह भी विश्वास किया जाता है कि अगली जन्म यात्रा में उन्हें ग्रीष्मकाल में इन वस्तुओं का सुख प्राप्त होगा।

तम्देह (आषाढ़ संक्रांति) पर किया गया दान अन्य किसी शुभ दिन की तुलना में दस गुना अधिक पुण्यदायी होता है। इस दिन ब्राह्मणों एवं ज़रूरतमंद लोगों को यथाशक्ति दान देना विशेष रूप से शुभ होता है।

किसानों के अनुसार, यह धर्म-दिवस देशी आमों के पकने का भी सूचक है। लू की तीव्रता के बाद इस माह से वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है और वातावरण में उमस का इज़ाफा होता है।

संक्रांति के दिनों में इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

तामसिक भोजन का त्याग करें।

ब्रह्मचर्य का पालन करें।

शराब अथवा अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहें।

व्रत रखने वाले दाढ़ी, मूंछ, बाल या नाखून न काटें।

चमड़े से बनी वस्तुएं जैसे बेल्ट, जूते-चप्पल आदि न पहनें।

काले रंग के वस्त्र पहनने से बचें।

किसी का दिल न दुखाएं — यह सबसे बड़ी हिंसा मानी जाती है।

इस दिन सात्विक भोजन करें और भगवान को भी सात्विक भोग अर्पित करें। सत्यनारायण भगवान, सूर्य देव, कुल देवी-देवता तथा इष्टदेव की पूजा का विधान है।

राशिफल:

मेष, वृष, मिथुन, कर्क, तुला,वृश्चिक और धनु राशि वालों के लिए यह संक्रांति शुभ फलदायी रहेगी।

संक्रांति का फल:

कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले संभावित हैं।

इस संक्रांति के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में भूकंप अथवा प्राकृतिक आपदाएँ हो सकती हैं।

केंद्र सरकार द्वारा कुछ राज्यों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

राजनीतिक लोगों और व्यापारियों लोगों के लिए यह संक्रांति शुभ होगी।

इस दिन सोमवती अमावस्या एवं अधिक ( पुरुषोत्तम) मल मास का सम्पन्न होगा।

महंत रोहित शास्त्री
(ज्योतिषाचार्य)
अध्यक्ष, श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट (पंजीकृत)
संपर्क सूत्र: 9858293195, 7006711011, 9796293195

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