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प्रचंड़ गर्मी में महंत गुरू सुरेश भगतजी की पूर्ण हुई 10 वें दिन की तपस्या

  • जेठ माह में प्यासों को पानी पिलाना, घड़े का दान करना, ठंडे पेय पदार्थो का दान करना बहुत ही पुण्यकारी होता है – महंत गुरू सुरेश भगतजी

बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन। (दर्शन समीक्षा)

गुरू गोरखनाथ आश्रम सांकरोद के महंत गुरू सुरेश भगतजी ने आश्रम परिसर में प्रचंड़ गर्मी के बीच अपनी 10 वें दिन की तपस्या पूर्ण की। मंगलवार की तपस्या पूर्ण करने के उपरान्त गुरू सुरेश भगतजी ने दर्शनों के लिए आये श्रद्धालुओं से वार्ता की। श्रद्धालुओं से वार्ता करते हुए गुरू सुरेश भगत जी ने बताया कि जेठ माह का यह महीना सूर्य की प्रचंड गर्मी का प्रतीक है। इस माह में सूर्यदेवता सबसे अधिक शक्तिशाली होते है। जेठ के माह में तपस्या करना अत्यन्त कठिन जरूर होता है, लेकिन आध्यात्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस महीन में की गयी तपस्या साधक को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से निखारती है। सूर्य देव की यह तपन शरीर को शुद्ध करती है और मन को शांत करती है। गुरू सुरेश भगत जी ने कहा कि बालाजी और गुरू गोरखनाथ जी का ध्यान करते हुए तपस्या में कोई पीड़ा नही हो रही है, बल्कि आनन्द की अनुभूति हो रही है। गुरू सुरेश भगत जी ने अपने भक्तो से कहा कि प्यासों को पानी पिलाना, घड़े का दान करना, ठंडे पेय पदार्थो का दान करना इस जेठ माह में बहुत ही पुण्यकारी माना जाता है। उन्होने सभी लोगों से जेठ के इस पवित्र महिने में प्यासों को पानी पिलाने का आहवान किया। इसके साथ-साथ उन्होने परमपिता परमेश्वर से सभी के कल्याण की कामना की।

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