अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध में अब यमन के हूती विद्रोहियों की एंट्री हो गई है।
हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की है, जो ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से इस तरह का पहला हमला है। हूतियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने शनिवार को विद्रोहियों की अल-मसीरा टीवी पर इसकी घोषणा की। सरी ने कहा कि हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते और प्रतिरोध के सभी मोर्चों पर आक्रामकता बंद नहीं हो जाती।
इजरायल ने इंटरसेप्ट की हूतियों की मिसाइल
एक बयान में हूतियों ने कहा, ‘यमन के सशस्त्र बलों ने बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार का इस्तेमाल करके अपना पहला सैन्य अभियान चलाया है, जिसमें दक्षिणी कब्जे वाले फिलिस्तीन में इजरायल के संवेदनशील सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।’ इजरायली सेना ने कहा कि उसने यमन से दागी गई एक मिसाइल का पता लगाकर उसे इंटरसेप्ट कर लिया है।

अमेरिका में युद्ध के विरोध में प्रोटेस्ट शुरु हो गये हैं! कैलिफोर्निया, मिनीसोटा और लगभग हर जगह लोग निकल आए हैं जिनमें हालीवुड स्टार भी शामिल हैं!
लोग कह रहे हैं कि इस युद्ध की अमेरिका को कोई जरूरत नही है और वो इजरायल के लिए युद्ध क्यों लड रहा है! लोग अलग अलग तरह की मीम बना कर चाचा ट्रंप का मजाक उडा रहे हैं! ये एक अलग तरह की स्थिति है और शायद अमेरिका ने सोचा भी नहीं था कि ये हो जाएगा!
अमेरिका का इतिहास गृह युद्धों का इतिहास रहा है! एथनिक क्लैश होता रहा है! रंग भेद का भी पुराना इतिहास है! उसी तरफ अमेरिका बढ रहा है! दुनिया आर्थिक मंदी के मुहाने पर खडी है और अमेरिका जैसी अर्थव्यवस्था जो प्रोडक्शन बेस्ड नही ट्रैड बेस्ड है उस पर इसका भारी असर होगा वैसे भी वहां पर लोग बैंक लोन पर जीवित हैं और उनकी कोई अर्थव्यवस्था नही है! जैसे प्रोसेस्ड फूड की कोई अपना आधार नही होता और वो उन चीजों पर आधारित होता है जो खेत में पैदा होती हैं उसी प्रकार उनकी अर्थव्यवस्था टोटली फुसफुसी है! अगर ये युद्ध एक महीना और चल गया तो सबसे पहले अमेरिका की अर्थव्यवस्था ही गडबडा जाएगी! अमेरिकी लोग पूरी दुनिया में कुछ हो जाए उसकी परवाह नही करते लेकिन उनकी अर्थव्यवस्था गडबड होते ही भाग खडे होते हैं! उनको खुद से मतलब है और इस बार आग उनके दरवाजे तक आ गई है!
ट्रंप पर भारी दबाव है पर क्या करे ईरान गले में अटक गया है! ईरान तब तक पीछे नही हटेगा जब तक वो इजरायल को बिल्कुल ध्वस्त नही कर देता है! अब ट्रंप के हाथ में सीजफायर भी नहीं है! उसके हाथ में सरेंडर है जो वो कर भी देगा तो भी ईरान रुकेगा नही! वर्ल्ड इतिहास की सबसे अनोखी घटनाओं के रुप में ये युद्ध याद किया जाएगा! अमेरिका इजरायल का डिक्लाइन हो रहा है! साम्राज्यवाद हार रहा है और सैंकिड वर्ल्ड वार के बाद अमेरिका का जो गुब्बारा हवा पकड गया था उसमें पंचर हो चुका है! वो धीरे धीरे नीचे आ रहा है और उसकी हवा निकल रही है! ये सब ईरान और उसके मरहूम नेता खमेनेई की करामात है जो उन्होंने इतना चुपचाप और शानदार काम किया है! ये युद्ध राजनीतिक से ज्यादा आर्थिक है और डिडालराइजेशन के साथ खत्म होगा! आपको याद होगा सैंकिड वर्ल्ड वार के बाद डालर के उभार के साथ ही अमेरिका उभर गया और इजरायल उभर गया! जर्मन फौजों की हार के बाद बने माहौल का उतार ईरानी फौजों ने किया है! ये लडाई उस वक्त से ही जारी है और अमेरिका इजरायल इसे साजिशों से लडते रहे! कभी सोवियत यूनियन को तोडा कभी कुछ किया कभी कुछ! हिटलर अगर कहीं होगा तो खुश हो रहा होगा कि उसने जिन लोगों को हराना था उनको ईरान हरा रहा है!
अमेरिका के गृह युद्ध की आंच युगांडा तक आएगी और युगांडा में उनके मोहरों की सरकार ने जो जुल्म किए हैं लोग भरे बैठे हैं! अमेरिका उनका माई बाप था और जब वो संकट में घिर जाएगा तो युगांडा की सरकार में बैठे लोगों को लोग धक्के मार मार कर बाहर फेंक देगें क्योंकि जुल्म की एक सीमा होती है! अमेरिका के गृह युद्ध का अगला सीक्वल युगांडा में होगा क्योंकि वहां गृह युद्ध की परिस्थितियों का निर्माण पहले से ही हो रखा है!!
वेलडन ब्रदरलैंड ईरान












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