उत्तर प्रदेश विजिलेंस (Vigilance) द्वारा परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त एआरटीओ (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी छापेमारी की गई है। दो दिन चली इस कार्रवाई में विजिलेंस ने ₹35 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति का खुलासा किया है, जिसमें ₹1.62 करोड़ नकद, 13 किलो सोना और 9 किलो चांदी (आभूषण व बिस्किट) शामिल हैं।
इसके अलावा, टीम ने लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और नोएडा में 15 भूखंडों व फ्लैटों के दस्तावेज भी बरामद किए हैं। पूर्व अधिकारी द्वारा अपनी वैध आय (करीब ₹93 लाख) से लगभग 35 गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।

भ्रष्टाचार का केस दर्ज होने के बाद मिल गया प्रमोशन!
जब जांच करने वालों ने आय से अधिक संपत्ति के बारे में सवाल पूछे तो ललित कुमार उनका संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर ललित कुमार पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। जब उन्होंने कथित रूप से यह आर्थिक अपराध किया था उस समय वे कानपुर के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के पद पर तैनात थे। मामला दर्ज होने तक उनका प्रमोशन हो चुका था और वे आगरा में असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (एनफोर्समेंट) के पद पर तैनात हो गए थे।












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