दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस के मामलों में एक्टर राजपाल यादव की सजा को बरकरार रखा है. हाई कोर्ट की लगातार कोशिशों के बावजूद समझौते की आखिरी कोशिशें नाकाम रहने के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 2 अप्रैल को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. हाई कोर्ट ने बकाया रकम चुकाने को लेकर यादव के बदलते रुख पर नाराजगी जताई थी.
कोर्ट ने लगातार जबाव नहीं मिलने पर कहा था कि मुझे मेरे जवाब नहीं मिल रहे हैं. अंडरटेकिंग में कुछ और कहा गया था और अब आप कुछ और कह रहे हैं. जिससे एक्टर की तरफ से दी गई दलीलों में विरोधाभास पर चिंता जाहिर हुई थी.
राजपाल यादव ने 2010 में एक फिल्म बनाई थी. इसका नाम था अता पता लापता. फिल्म के लिए राजपाल यादव ने 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. हालांकि, राजपाल यादव का कहना था कि ये एक इंवेस्टमेंट था. राजपाल यादव ये लोन चुका नहीं पाए और ये बढ़कर 9 करोड़ हो गया. इसी केस में उन्होंने 5 फरवरी 2026 में तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था. उस मुश्किल दौर में सोनू सूद सहित कई एक्टर्स ने उनकी मदद की थी.
राजपाल यादव ने कहा था- मेरे पास 1200 करोड़ का काम है
राजपाल यादव ने ये भी कहा था कि ‘अगले साल सालों में मेरे पास ब्रांडिंग के लिए 1200 करोड़ रुपये का काम है. मेरे पास 4 एग्रीमेंट हैं, इसमें फिल्में शामिल नहीं हैं. कोई प्रोजेक्ट 200 करोड़ रुपये का है, कोई 2000 करोड़ रुपये का. इसमें से कुछ फीस है और कुछ प्रोजेक्ट्स में शेयर हैं. मेरी 10 फिल्में लाइन में हैं’












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