Garhkundar //दिन था 17 जुलाई 1928 किले में घूमने गए थे बारात, हो गए गायब आज तक कोई पत्ता नहीं

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17 जुलाई 1928 को बारात गायब होने की घटना मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित गढ़कुंडार (Garhkundar) किले से जुड़ी एक बेहद लोकप्रिय और रहस्यमयी स्थानीय कहानी है。 किंवदंती के अनुसार, करीब 80 साल पहले इस इलाके में आई एक शादी की बारात के लगभग 50 से 60 लोग किले में घूमने गए थे。 घूमते-घूमते वे लोग किले के नीचे स्थित भूल-भुलैया और तहखानों में चले गए और इसके बाद उनका कभी कोई सुराग नहीं मिला。 
इस रहस्य के पीछे के मुख्य कारण:
भूल-भुलैया (Maze): गढ़कुंडार का किला एक पांच मंजिला संरचना है, जिसकी दो मंजिलें जमीन के अंदर बनी हुई हैं。 पुराने समय में इसे सुरक्षा के लिए इस तरह डिजाइन किया गया था कि कोई भी बाहरी व्यक्ति इसमें आसानी से भटक जाए。 


इस घटना के बाद, दुर्घटनाओं से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन और सरकार ने किले के नीचे जाने वाले सभी रास्तों और दरवाजों को हमेशा के लिए दीवारों से चुनवा दिया。 

निर्माण और इतिहास: 11वीं-12वीं शताब्दी में बना यह किला बुंदेलखंड के सबसे पुराने और रणनीतिक किलों में से एक ह यह किला अपनी बनावट के कारण करीब 4-5 किलोमीटर दूर से तो स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, लेकिन जैसे-जैसे आप इसके पास आते हैं, यह आँखों से ओझल होने लगता है。 यह पुराने समय में दुश्मन सेना को भ्रमित करने की एक बेहतरीन तकनीक थी。

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