जीवन में सफलता, खुशी या कुछ भी बड़ा पाने के लिए हमें अक्सर किसी न किसी चीज़ का त्याग (sacrifice) या नुकसान (loss) करना पड़ता है, जैसे नींद, आराम, पुरानी आदतें या सुख-सुविधाएं, ताकि हम अपने लक्ष्य तक पहुँच सकें, यह जीवन की वास्तविकता और प्रकृति का एक नियम है। 
इस कहावत का मतलब:
त्याग (Sacrifice): कुछ हासिल करने के लिए आपको अपनी पसंद, आराम, या समय जैसी चीज़ों को छोड़ना पड़ता है, जैसे एक धावक को धूम्रपान छोड़ना पड़ता है ताकि वह अच्छा प्रदर्शन कर सके।
प्रकृति का नियम (Law of Nature): हर क्रिया की एक प्रतिक्रिया होती है; कुछ पाने के लिए, आपको कुछ देना या खोना पड़ता है, जैसे सांस लेने के लिए पिछली सांस को छोड़ना पड़ता है।
नए की जगह बनाना (Making Space for the New): जब आप कुछ नया पाना चाहते हैं, तो आपको पुरानी चीज़ों या आदतों को हटाना पड़ता है, जैसे नया कंप्यूटर लाने के लिए पुराने को हटाना।
आत्म-सुधार (Self-Improvement): यह सिर्फ़ भौतिक चीज़ों के बारे में नहीं, बल्कि अपनी मानसिक कंडीशनिंग, डर, और बोझ को खोने के बारे में भी है, ताकि आप खुद को बेहतर बना सकें और अपनी असली क्षमता को पा सकें। 
उदाहरण:
सफलता के लिए: सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, रातों को जागना पड़ता है, और अपनी पसंदीदा चीज़ों का त्याग करना पड़ता है।
ज्ञान के लिए: कुछ नया सीखने के लिए, आपको अज्ञानता को छोड़ना पड़ता है। 
संक्षेप में, यह कहावत बताती है कि जीवन में प्रगति (progress) और प्राप्ति (achievement) के लिए त्याग और कड़ी मेहनत ज़रूरी है, और इस प्रक्रिया में कुछ खोना एक स्वाभाविक हिस्सा है।
जीवन में सफलता, खुशी या कुछ भी बड़ा पाने के लिए हमें अक्सर किसी न किसी चीज़ का त्याग या नुकसान करना पड़ता है और यही सच है
















Leave a Reply