जीतने के लिए दूसरों को हराने की नहीं बल्कि खुद को जीतने की जरूरत है जो आपकी बुराई करते हैं उनको बुराई करने दो क्योंकि बुराई वही लोग करते हैं जो आपकी बराबरी नहीं कर सकते
सत्य का दरवाजा इतना छोटा ओर तंग होता है की उसमें दाखिल होने से पहले सर को झुकाना पड़ता है परिवर्तन निश्चित हैं प्रत्येक वस्तु का इस संसार में बस प्रतीक्षा कीजिए किसी का ह्रदय परिवर्तन होगा किसी का समय परिवर्तन ज्ञान के बाद यदि अहंकार का जन्म होता है तो वह ज्ञान जहर है किंतु ज्ञान के बाद यदि नम्रता का जन्म होता है
यही ज्ञान अमृत होता है किसी से रिश्ता क्या है यह मालुम होना जरुरी उस रिश्ते में अपनापन कितना है यह महसूस करना महत्वपूर्ण है न तो माता न ही पिता न ही कोई अन्य रिश्तेदार किसी व्यक्ति के कल्याण के लिए उतना ही कर सकते हैं जितना कि एक सही दिशा में निर्देशित मन कर सकता है..!
















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