मनुष्य जन्म लेता हैतो सांसे होती है नाम नहीं ,जब मृत्यु होती हैतो नाम तो होता है सांसे नहीं ,इसी सांस और नाम के बीच की यात्रा को जीवन कहते है_जय श्रीकृष्ण

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सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते
संपन्नता मन की ही अच्छी होती है धन की नहीं धन की संपन्नता अहंकार देती है और मन की संपन्नता संस्कार!!
परिवर्तन के लिए जिस शक्ति की आवश्यकता पड़ती है वह शक्ति हमें स्व-चिंतन से प्राप्त होती है।*
मनुष्य जन्म लेता है
तो सांसे होती है नाम नहीं
जब मृत्यु होती है
तो नाम तो होता है सांसे नहीं
इसी सांस और नाम के बीच की
यात्रा को जीवन कहते है
तारीफ सुनने के आदी ना बनें*
जिंदा हैं तो बुराई होना, निश्चित है
आदमी बहुत अच्छा था
सुनने के लिए मरना पड़ता है
जमाना क्या सोचेगा ये मत सोचो.. जमाना बडा अजीब है
*ये नाकामयाब लोगों का मजाक उड़ाता है, *और*
*कामयाब लोगों से जलता है।
*अपनी गलती पर माफी माँगना*
आपके सम्मान को
कभी कम नहीं करता
बल्कि उसे और बढ़ाता ही है…!! कोई संयोग या वियोग अपनी मनमर्जी से नहीं होते, यह सब कुछ अपने ही कर्मों की योजनाओं का फल है।*
लक्ष्मी माता जी का आशीर्वाद और कृपा दृष्टि हम सब पर और परिवार पर सदा बनी रहे

”बदलना’ तय है हर चीज़ का इस संसार में बस कर्म अच्छे करें किसी का ‘जीवन’ बदलेगा, किसी का ‘दिल’ बदलेगा, तो किसी के ‘दिन’ बदलेंगे.!

जीवन बहुत छोटा है, इसे गुस्सा, पछतावा, शिकायत और चिंता करने में बर्बाद न करें, हमेशा प्रसन्न और सकारात्मक रहें।


       

             
       

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