ये मामला वाकई चौंकाने वाला है
गुजरात हाई कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने मृत शिक्षक हर्षद भावसार की नौकरी को उनकी मृत्यु के 17 साल बाद और नियुक्ति के 33 साल बाद बहाल करने का आदेश दिया है।
गुजरात हाई कोर्ट ने माना कि 33 साल बाद और मृत्यु के 17 साल बाद नौकरी रद्द करना गलत है। कोर्ट ने नौकरी बहाल करने के साथ परिवार को बकाया वेतन और अन्य लाभ देने का भी आदेश दिया।












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