राजस्थान
10 हजार की रिश्वत लेते ब्रांच मैनेजर रंगे हाथों गिरफ्तार, कर्मचारी के मेडिकल बिल पास करने के बदले मांगी थी घूस
चित्तौड़गढ़– एसीबी ने ईएसआईसी शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि लकवाग्रस्त कर्मचारी के मेडिकल बिल और अवकाश भुगतान स्वीकृत करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
फिलहाल आरोपी महिला अधिकारी से पूछताछ जारी है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर उनके कार्यालय एवं अन्य ठिकानों पर भी तलाशी की कार्रवाई की जा सकती है।
चित्तौड़गढ़ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को चित्तौड़गढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी पर एक कर्मचारी के मेडिकल बिल और अवकाश भुगतान स्वीकृत करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी को मिली शिकायत और खुफिया सूचना के अनुसार, हिन्दुस्तान जिंक चंदेरिया में कार्यरत एल एंड टी कंपनी का एक कर्मचारी वर्ष 2025 में ड्यूटी के दौरान लकवाग्रस्त हो गया था। कर्मचारी के उपचार से जुड़े मेडिकल बिलों और मेडिकल अवकाश के भुगतान की प्रक्रिया लंबित थी।
लगातार रिश्वत मांग रही थी शाखा प्रबंधक
आरोप है कि इन दावों को स्वीकृत करने के एवज में ईएसआईसी की शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा लगातार रिश्वत की मांग कर रही थीं। यह दबाव कर्मचारी के परिजनों और कंपनी के एचआर प्रबंधक पर भी बनाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी स्पेशल यूनिट उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल जोशी के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई गई।












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