पहले तेहरान, और अब इज़राइल की तेल रिफाइनरियों में आग लगी हुई है।
इज़राइल और अमेरिका इस समय ईरान के खिलाफ जो भी कदम उठा रहे हैं, ईरान अगले 24 घंटों के भीतर ही उसका हिसाब बराबर कर रहा है।
युद्ध के बीच ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वयंसेवी चिकित्सा कर्मियों को नियुक्त करने की अनुमति दी
युद्ध के 15वें दिन, जब Israel और United States के साथ तनाव जारी है, Iran के मीडिया ने बताया है कि देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने युद्धकालीन परिस्थितियों में स्वयंसेवी चिकित्सा कर्मियों को तैनात करने की अनुमति दे दी है।

रिपोर्टों के अनुसार यह अनुमति देशभर के चिकित्सा विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों को जारी कर दी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर स्वेच्छा से सेवा देने वाले डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को तुरंत काम में लगाया जा सके।
बताया गया है कि यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक सरकार की ओर से घोषित संकट की स्थिति समाप्त नहीं हो जाती। इस कदम का उद्देश्य युद्ध और आपातकालीन परिस्थितियों में घायल लोगों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है।
इज़राइल–हिज़्बुल्लाह युद्ध में 826 लोगों की मौत: लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय
बेरूत। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि Israel और Hezbollah के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद से अब तक 826 लोगों की मौत हो चुकी है।
मंत्रालय के अनुसार मरने वालों में 65 महिलाएं और 106 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा इन हमलों में 31 राहतकर्मियों की भी जान गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दक्षिण Lebanon में एक चिकित्सा केंद्र पर शुक्रवार रात हुए हमले के बाद मलबे से कुछ राहतकर्मियों के शव मिले हैं, जिसके कारण मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
मंत्रालय के मुताबिक युद्ध के चलते कई अस्पताल और चिकित्सा केंद्र भी प्रभावित हुए हैं, जिससे राहत और उपचार कार्यों में कठिनाई हो रही है।

अभी-अभी:
इराक के एरबिल के पास स्थित लानज़ रिफाइनरी पर एक ईरानी ड्रोन ने हमला किया।
माना जा रहा है कि यह रिफाइनरी देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईंधन की आपूर्ति करती है
नई व्यवस्था के मुताबिक:
इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित एरबिल में UAE के वाणिज्य दूतावास को एक ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया।
वाणिज्य दूतावास के दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए और इमारत को भी नुकसान पहुंचा।
UAE ने इस हमले को “कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला” करार दिया।
जॉर्डन ने इस हमले की कड़ी निंदा की।
इजराइल के कब्जे वाले क्षेत्र में बरसती ईरानी मिसाइलें
जैसे जैसे समय आगे बढ़ रहा है, ईरान कमजोर पड़ने की जगह मजबूती दिखा रहा है। युद्ध विराम के सवाल पर ईरान का कहना है कि युद्ध विराम हमारी शर्तों पर होगा। अमेरिका हमारे नुकसान का मुआवजा दे और हमारी सुरक्षा को कानूनी मान्यता मिले, जिसका मतलब है गल्फ से अमेरिका पूरी तरह बाहर जाए।
अमेरिका ने ईरान की लीडरशिप पर इनाम रखा तो बदले में इराक में अमेरिकी सैनिकों पर इनाम रख दिया गया। इराक में ईरान समर्थित ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस’ के हथियारबंद गुटों ने ऐलान किया कि जो भी आदमी अमेरिकी सैनिकों और अधिकारियों की सही जानकारी देगा, उसे 150 मिलियन इराकी दीनार (करीब 1 करोड़ रुपये) इनाम में दिया।
यूएई के फुजराह ऑयल डिपो पर ईरान की मिसाइल का हमला…
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यह स्थान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बंकरिंग हब है, जहाँ अब भारी नुकसान के बाद हर तरफ धुआँ ही धुआँ है।
ईरान अब तक यूएई पर 200 से अधिक हमले कर चुका है।












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