11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद देवबंद गैंगरेप केस में ऐतिहासिक फैसला – तत्कालीन SHO और SI को 20-20 साल की कैद, 1.20-1.20 लाख जुर्माना
सहारनपुर। देवबंद में वर्ष 2015 में महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में करीब सवा 11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने सजा सुनाई। अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए तत्कालीन थाना प्रभारी (SHO) ब्रजमोहन यादव और तत्कालीन उपनिरीक्षक (SI) वेदपाल सिंह (वेदपाल सिंह/वेगपाल सिंह) को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 1.20-1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पीड़िता के अधिवक्ता राजीव तोमर ने बताया कि अदालत ने गुरुवार को दोनों को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को सजा सुनाई गई। आईपीसी की धारा 376D (सामूहिक दुष्कर्म) के तहत 20-20 साल की कैद और 1-1 लाख रुपये जुर्माना, और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत 5-5 साल की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की 75% राशि और अतिरिक्त मुआवजा पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
घटना 6 अगस्त 2015 की है। पीड़िता अपने पति के बारे में पूछताछ करने देवबंद थाने गई थी, जहां आरोप है कि उसे थाने के आवास पर ले जाकर तत्कालीन SHO, SI और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने गैंगरेप किया। स्थानीय शिकायत पर कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद FIR दर्ज हुई और जांच CBCID को सौंपी गई। सवा 11 साल के संघर्ष के बाद पीड़िता ने कहा – “मुझे इंसाफ मिला, मैं बहुत खुश हूं”, हालांकि वह दोषियों को आजीवन कारावास दिलाने के लिए हाईकोर्ट में अपील करने पर विचार कर रही है।











