हिमालय में 600 से 800 मानव कंकाल बिखरे पड़े हैं.
वैज्ञानिक शोध: DNA जांच से पता चला है कि ये लोग एक समय पर नहीं मरे, बल्कि इनके बीच 1,000 साल का अंतर था. एक समूह 9वीं शताब्दी के आसपास का है और दूसरा समूह 1800 ईस्वी के आसपास का है, जिनमें से कुछ लोग भूमध्यसागरीय (ग्रीस/क्रीट) क्षेत्र के मूल निवासी थे. मौत का कारण: माना जाता है कि अचानक आए विनाशकारी ओलावृष्टि (Hailstorm) या गंभीर मौसम के कारण इन तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी.
2. नेपाल भूकंप (लांगटांग घाटी) दुर्घटना
यदि आप किसी हालिया या आपदा से जुड़ी खबर की बात कर रहे हैं, तो साल 2015 में नेपाल में आए भीषण भूकंप के दौरान लांग टैंग गांव में हिमस्खलन के नीचे दबने से लगभग 100 ट्रैकर्स और ग्रामीणों के शव बरामद किए गए थे. पूरा गांव बर्फबारी और मलबे के नीचे दब गया था.
इसके अलावा, एवरेस्ट और हिमालय की अन्य ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के दौरान दुर्घटनाओं का शिकार हुए पर्वतारोहियों के शव भी बर्फ पिघलने पर समय-समय पर मिलते रहते हैं











