सोवियत संघ (Red Army) की सेनाएं बर्लिन में बिल्कुल पास तक पहुंच चुकी थीं और बाहर लगातार बमबारी (शेलिंग) हो रही थी।
शादी और वसीयत: इससे एक रात पहले (29 अप्रैल 1945 को) हिटलर ने अपनी प्रेमिका ईवा ब्राउन से बंकर में एक सादे समारोह में शादी की थी। इसके बाद उसने अपनी अंतिम वसीयत लिखवाई।
हिटलर को डर था कि कैप्सूल काम न करे, इसलिए उसने अपनी जर्मन शेफर्ड कुतिया ‘ब्लॉन्डी’ पर साइनाइड का कैप्सूल देकर परीक्षण किया था, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई।
आत्महत्या का तरीका: 30 अप्रैल 1945 को दोपहर करीब 3:30 बजे हिटलर ने अपने निजी अध्ययन कक्ष में सिर पर गोली मारकर और साइनाइड का कैप्सूल खाकर आत्महत्या की। उसकी पत्नी ईवा ब्राउन ने भी साइनाइड का सेवन किया था
हिटलर के निर्देशानुसार, उसके और ईवा ब्राउन के शवों को बंकर के बाहर के बगीचे में ले जाया गया, उन पर पेट्रोल डालकर जला दिया गया ताकि उनके शव दुश्मन (सोवियत सेना) के हाथ न लगें।
बंकर में वेंटिलेशन सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था। बाहर लगातार सोवियत बमबारी की आवाजें गूंज रही थीं, जिससे बंकर की दीवारें हिलती थीं।
मानसिक तनाव और भ्रम: हिटलर पूरी तरह टूट चुका था। उसे पार्किंसंस बीमारी के लक्षण थे, उसका हाथ कांपता था और वह अक्सर उन सेनाओं को आदेश देता था जो असल में बची ही नहीं थीं।
भरोसा उठना: जब हिटलर को पता चला कि उसके सबसे करीबी साथियों (जैसे हेनरिक हिमलर और हरमन गोरिंग) ने उसकी पीठ पीछे दुश्मनों से सरेंडर की बातचीत शुरू कर दी है, तो उसका सब पर से भरोसा उठ गया था।
जोसेफ गोएबल्स का परिवार: हिटलर के सबसे वफादार मंत्री जोसेफ गोएबल्स भी अपनी पत्नी और 6 छोटे बच्चों के साथ उसी बंकर में रह रहे थे। हिटलर की मौत के अगले दिन गोएबल्स और उनकी पत्नी ने अपने सभी 6 बच्चों को जहर देकर खुद भी आत्महत्या कर ली थी।











