अनंत चतुर्दशी मनुष्य के जीवन में अनंत फल देने और समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला महापर्व
देवघर । प्रवेश गुप्ता (दर्शन समीक्षा)
राष्ट्रीय हिंदू परिषद (भारत) के जिला अध्यक्ष श्री प्रभाष गुप्ता ने देवघरवासियों को अनंत चतुर्दशी की अनंत शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदू धर्म में भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला अनंत चतुर्दशी के पर्व के दिन भगवान विष्णु ,माता यमुना और शेषनाग की विधिवत पूजा की जाती है। इस दिन व्रत रखने और अनंत सूत्र को बांधने से जीवन की समस्त बाधाओं व कष्टो से मुक्ति मिलती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, महाभारत काल से अनंत चतुर्दशी व्रत की शुरुआत हुई । अनन्त भगवान ने सृष्टि के आरंभ में चौदह लोको-तल, अतल, वितल, सुतल ,तलातल, रसातल, पाताल, भू,भुव: ,स्व:, जन, तप ,सत्य, मह, की रचना की थी इन लोको का पालन और रक्षा करने के लिए वह स्वयं भी चौदह रूपों में प्रकट हुए थे। जिससे वे अनन्त प्रतीत होने लगे ।इसलिए अनंत चतुर्दशी का व्रत भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और अनन्त फल देने वाला और समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है । मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण की आज्ञा से युधिष्ठिर ने भी अनंत भगवान का व्रत किया, जिसके प्रभाव से पांडव महाभारत युद्ध में विजयी हुए तथा चिरकाल तक राज्य करते रहे।











