वामन जयंती कल
वामन जयंती भगवान विष्णु के पांचवें अवतार (वामन अवतार) के प्रकट होने के उत्सव के रूप में मनाई जाती है। वर्ष 2026 में वामन जयंती 23 सितंबर, बुधवार के दिन मनाई जाएगी।
मुख्य बातें
तिथि: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि।
मुहूर्त: श्रवण नक्षत्र के अभिजित मुहूर्त में श्रीहरि का प्रकट्य हुआ था।
स्वरूप: भगवान विष्णु ने त्रेता युग में एक छोटे ब्राह्मण (बौने) बालक का रूप धारण किया था।
पौराणिक महत्व
भगवान वामन ने राजा महाबली के अहंकार को नष्ट किया था और तीनों लोकों की रक्षा की थी।
यह मत्स्य, कूर्म, वराह और नरसिंह के बाद भगवान विष्णु का पहला मानवीय (मानव) अवतार था।
पूजा विधि
घर के मंदिर में भगवान विष्णु या वामन स्वरूप की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।
प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं।
अक्षत, पुष्प और तिलक लगाएं।दही, चावल और चीनी का भोग लगाएं।
‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें
राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175











