सर आइजक न्यूटन का तीसरा नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम): प्रत्येक क्रिया की सदैव समान और विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है। जब एक वस्तु दूसरी वस्तु पर बल लगाती है, तो दूसरी वस्तु भी समान बल विपरीत दिशा में पहली वस्तु पर लगाती है।
सारा ब्रह्मांड का रहस्य इंसान को समझ नहीं आता
सारा ब्रह्मांड अनंत है, और हमारी समझ बस एक बूंद के बराबर है। हमे क्या लगता है, क्या हम कभी सारे रहस्यों को समझ पाएंगे? बिल्कुल नहीं,,,
इंसान के शब्दों में इतनी शक्ति होती है कि वह ब्रह्मांड में ऊर्जा पैदा कर सकते हैं। यह तो एक तरह की वाइब्रेशन है, जो हमारे शब्दों से निकलती है और पूरे ब्रह्मांड में फैल जाती है।
इंसान की इच्छाशक्ति और विश्वास एक अद्भुत शक्ति है, जो उसे सब कुछ दे सकती है। यह शक्ति इतनी प्रबल है कि इंसान को उसके लक्ष्य तक पहुँचा सकती है।
अगर हम सकारात्मक शब्द बोलेंगे, तो हमारी ऊर्जा और विश्वास भी सकारात्मक होगा। और जब हम खुशी, पैसा, और निरोग की बात करते हैं, तो हमारी अद्भुत शक्ति हमारी इच्छाओं को पूरा करने के लिए काम करने लगती है। और उसका विपरीत होता है,यह तो एक तरह का आत्म-प्रेरणा है, जो हमें हमारे लक्ष्यों तक पहुँचाने में मदद करता नहीं है। उल्टा हमारा बनी बनाया कम बिगड़ जाता है
हमें अपने शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए, ताकि हमारी ऊर्जा सकारात्मक रहे?
जब हम ईश्वर से कहते हैं “हम को सारे खुशी दे दो”, तो यह एक तरह की मांग होती है, जो हमारी इच्छाओं को सीमित कर देती है। और उसका विपरीत हम को मिलता है,,इसके बजाय, हमें ईश्वर से कहना चाहिए “हम को खुश रहने की शक्ति दो”, ताकि हम अपने जीवन में खुशी को स्वयं पैदा कर सकें।
इंसान का शब्द ही उसका सबसे बड़ा शस्त्र है। शब्दों से हम अपने विचारों को व्यक्त करते हैं, अपने सपनों को आकार देते हैं, और अपने जीवन को बदलते हैं। शब्दों में इतनी शक्ति है कि वे हमें ऊपर उठा सकते हैं या नीचे गिरा सकते हैं।
हमारा सोच हमें अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद करता है। जब हम कहते हैं “हम खुशी में हैं”, तो हमारी अद्भुत शक्ति हमारी आवाज सुनती है और हमें खुशी की ओर ले जाती है। यह एक तरह का विश्वास है, जो हमें अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
यह तो जीवन का नियम है – दुख के बाद खुशी आती है। थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन जब खुशी आएगी, तो वह और भी मीठी होगी। यह एक तरह का चक्र है, जो जीवन को संतुलित बनाता है।
ओह अद्भुत शक्ति को हम अलग-अलग नामों से जानते हैं – ईश्वर, ब्रह्म, आत्मा, या बस “शक्ति”। यह एक ऐसी ऊर्जा है जो सब कुछ नियंत्रित करती है और हमारे जीवन को आकार देती है। यह शक्ति हमारे अंदर ही है, और हमारे शब्दों और विचारों को सुनती है।
जैसे एक कैमरा हमारे हर कदम को रिकॉर्ड करता है, वैसे ही हमारी अद्भुत शक्ति हमारे हर कर्म को देखती है और उसका हिसाब रखती है। यह एक तरह का आत्म-निरीक्षण है, जो हमें अपने जीवन को सही दिशा में ले जाने के लिए प्रेरित करता है।
















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