पैसा कमाना एक कौशल है, पैसा संभालना एक अनुशासन है और पैसा बढ़ाना एक कला है। अतीत को जो वर्तमान से अधिक महत्व देते है, वो अपना भविष्य स्वयं नष्ट कर लेते हैं।

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स्वयं को कभी व्यर्थ न समझो, क्योंकि बंद घड़ी भी दिन में दो बार सही समय बताती है। सफलता के लिए केवल कल्पना ही नहीं, सार्थक कर्म भी आवश्यक है,

सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, सीढ़ियों पर चढ़ना भी आवश्यक है।मंजिल को पाने के लिए केवल सोचना ही पर्याप्त नहीं, चलते रहना भी आवश्यक है। पैसा कमाना एक कौशल है, पैसा संभालना एक अनुशासन है और पैसा बढ़ाना एक कला है। अतीत को जो वर्तमान से अधिक महत्व देते है, वो अपना भविष्य स्वयं नष्ट कर लेते हैं।

ज्ञान विकास
|| बुरी आदतों को सुधारें ||

यदि बुरी आदतों को समय रहते सुधारा न गया तो वो किसी भी मनुष्य के लिए एक अभिशाप की तरह उसके अपयश एवं अपकीर्ति का कारण बन जाती हैं। बुरी आदतों का भी अपना एक नशा होता है। समय से इन्हें रोका न गया तो ये भी लत बन जाती हैं। यदि एक बार किसी बुरी आदत कि लत लग गई तो स्वयं को बुरी लगने के बावजूद भी हम उस कार्य को किए बिना रह ही नहीं पायेंगे। हम आदतन उस कार्य को करने के लिए मजबूर हो जायेंगे।

कुछ बुरी आदतें हमारे व्यक्तिगत जीवन को दूषित करती हैं, कुछ सामाजिक जीवन को तो कुछ नैतिक जीवन को भी दूषित करती हैं। अच्छी आदतें अच्छे इंसान को जन्म देती हैं और बुरी आदतें बुरे इंसान को। बुरी आदतों से निरंतर बचने का प्रयास न किया गया तो हमारे भीतर कब एक बुरे इंसान ने जन्म ले लिया हमको स्वयं पता नहीं चलेगा। बुरी आदतें ही हमारे प्रगति मार्ग में सबसे बड़ी बाधक होती हैं।

राधे राधे

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