प्रभु श्री राम का बचपन अयोध्या में राजा दशरथ के महल में, माता कौशल्या की गोद में, और अपने भाइयों लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ, आनंद और प्रेम से भरा था.
बचपन की कुछ खास बातें:
जन्म और खुशी:
राम के जन्म से अयोध्या में खुशी और उत्सव का माहौल था.
चारों भाई:
राम अपने भाइयों लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ खेलते और पलते-बढ़ते थे.
गुरु वशिष्ठ से शिक्षा:
राम ने अपने भाइयों के साथ गुरु वशिष्ठ से शिक्षा प्राप्त की.
विश्वामित्र के साथ:
गुरु विश्वामित्र ने राम और लक्ष्मण को वन में राक्षसों से लड़ने के लिए ले गए.
राम और हनुमान:
कुछ कथाओं के अनुसार, राम और हनुमान बचपन से ही साथ खेलते थे.
सीता स्वयंवर:
राम ने सीता स्वयंवर में शिव के धनुष को तोड़ा और सीता से विवाह किया.
वनवास:

राम ने अपने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए सीता और लक्ष्मण के साथ वनवास किया.
राम और कागभुशुंडि:
कुछ कहानियों में, राम और कागभुशुंडि की बचपन की लीला का वर्णन है.
राम और जाम्बवान:
जाम्बवान, राम के भक्त थे, और उन्होंने राम के चरणों को कभी नहीं छोड़ा.
राम और कौआ:
एक कथा के अनुसार, राम ने कौए को वरदान दिया था कि उसके भोजन से पितृ प्रसन्न होंगे.
राम के चरित्र:
राम के चरित्र से हमें सहनशीलता, धैर्य, दयालुता, नेतृत्व क्षमता, मित्रता और परिवार में समर्पण की सीख मिलती है.