ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उस ने अमेरिका, इज़राइल या उनके सहयोगियों से जुड़े 3 जहाजों को आज निशाना बनाया है क्योंकि वे लगातार “चेतावनियों” की अनदेखी कर रहे थे। IRGC ने कहा कि अमेरिकी या सहयोगी जहाज “लेजिटिमेट टारगेट” हैं और “एक लीटर तेल भी होर्मुज से नहीं गुजरने दिया जाएगा”। ईरान ने आज कम से कम तीन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया, जिससे ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी UKMTO और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थाईलैंड फ्लैग्ड बल्क कैरियर Mayuree Naree पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स ईरानी ड्रोन या मिज़ाइल से हमला हुआ,

जिससे जहाज में आग लग गई और इंजन रूम क्षतिग्रस्त हो गया। जहाज ओमान के तट से लगभग 11 नॉटिकल माइल दूर था। क्रू मेंबर्स को इवैक्यूएट किया गया, लेकिन तीन सदस्य अभी भी लापता हैं। थाई नेवी ने 20 क्रू को बचाया। अन्य दो जहाजों—एक लाइबेरिया फ्लैग्ड कंटेनर शिप और एक अन्य बल्क कैरियर पर भी हमले हुए, जिनमें से कुछ में आग लगी और क्रू को निकाला गया।ये हमले अमेरिका-इज़राइल के ईरान पर हमलों के जवाब में हुए, जहां कल अमेरिका ने ईरान की 16 माइनलेयर नौकाओं सहित कई जहाज पर हमले किये थे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वैश्विक तेल का करीब 20% गुजरता है। हमलों के बाद शिपिंग ट्रैफिक लगभग ठप हो गया है, जिससे तेल कीमतों में तेज उछाल की आशंका है।
बताया गया है कि चार जहाज़ अमरीका ने बिना लड़े खो दिये!
लाल सागर में यमनी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Harry S. Truman ने अचानक तेज़ मोड़ लिया, और इस तेज़ maneuver की वजह से उस पर मौजूद 4 से ज्यादा F/A-18 Super Hornet लड़ाकू विमान उससे गिर गए!
मैं अभी-अभी युद्ध पर दो घंटे की गुप्त और गोपनीय ब्रीफिंग से लौटा हूँ।
इससे मुझे यह पक्का यकीन हो गया है कि यह जंग पूरी तरह से बेतुकी है। हम अपने घोषित उद्देश्यों में से किसी को भी हासिल नहीं कर पाएंगे। उनके परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने का वास्तव में कोई तरीका नहीं है क्योंकि इसका अधिकांश हिस्सा जमीन के नीचे दबा हुआ है, जब तक कि हम ज़मीनी ह़मला न करें—जो कि और भी विनाशकारी और और भी अलोकप्रिय होगा।
अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फ़ी
ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की जा रही है। सिर्फ थाड एयर डिफेंस सिस्टम ही नहीं बल्कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से कई और मिलिट्री हार्डवेयर भी ले जाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी मीडिया ने मामले से परिचित दो अधिकारियों के हवाले से बताया है कि पेंटागन थाड सिस्टम के कुछ हिस्सों को मिडिल ईस्ट ले जा रहा है।
अमेरिका के इस फैसले से दक्षिण कोरिया में खलबली मच गई है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने बताया है कि दक्षिण कोरिया को डोनाल्ड ट्रंप के इरादों पर गहरा शक पैदा हो गया है। उसने चेतावनी दी है कि परमाणु हथियारों वाला उत्तर कोरिया इस मौके का फायदा उठा सकता है। वहीं दक्षिण कोरिया में राजनीतिक बहस शुरू हो गई है कि आखिर उसने उत्तर कोरिया के इतने गंभीर खतरे के सामने अमेरिका के ऊपर भरोसा ही क्यों किया था? जबकि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल में तबाही मचा रही हैं।












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