मिर्जापुर: भाजपा कार्यकत्री प्रेमता दुबे की पुकार – ‘मेरी तीन जवान बेटियां हैं, मुझे घर से निकाल दिया गया!’
पुलिस-प्रशासन नहीं कर रहा सुनवाई, पीड़िता की गुहार – “कोई तो इंसाफ दिलाए”
मिर्जापुर |
भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी महिला कार्यकर्ता प्रेमता दुबे ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द बयां किया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा –
“मेरी तीन जवान बेटियां हैं, मुझे घर से निकाल दिया गया है। घर पर कब्जा कर लिया गया है। लेकिन पुलिस-प्रशासन में मेरी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।”
प्रेमता दुबे ने आंखों में आंसू लिए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों ने उनकी फरियाद को लगातार नजरअंदाज किया है, जिससे उन्हें और उनके परिवार को भारी मानसिक कष्ट उठाना पड़ रहा है।
पत्रकार के सवाल पर भड़कीं प्रेमता दुबे
जब पत्रकार ने उनसे पूछा कि “बीजेपी में आप किस पद पर हैं?” तो गुस्से में जवाब देते हुए उन्होंने कहा:
“किसी पद में नहीं हूं, लेकिन भाजपा की कार्यकत्री हूं, और पार्टी के लिए काम किया है।”
प्रशासन पर गंभीर आरोप, अब क्या होगा?
प्रेमता दुबे के इस बयान ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। महिला कार्यकर्ताओं को यदि पार्टी से जुड़े होने के बाद भी इस प्रकार की उपेक्षा का सामना करना पड़े, तो आमजन की सुरक्षा और न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है? 📰 वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़
संपादक: एलिक सिंह |District head. patrakar parisad