बाक्सिंग में बागपत की ब्रूसली एमेच्योर बॉक्सिंग एकेडमी बनी बच्चों की पहली पसंद
बागपत, उत्तर प्रदेश। विपुल जैन। (दर्शन समीक्षा)
जनपद बागपत को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली ब्रूसली एमेच्योर बॉक्सिंग एकेडमी हर वर्ष की भांति वर्ष 2025 – 26 में भी खेल क्षेत्र में बच्चों की पहली पसंद बनी रही। इस ऐकेड़मी ने अपने अब तक के सफर में जिला स्तर पर 900 बॉक्सर, मंड़ल स्तर पर 450 बॉक्सर, राज्य स्तर पर 121 बॉक्सर, नेशनल स्तर पर 80 बॉक्सर व इंटरनेशनल स्तर पर 40 बॉक्सर दिये है। इसके साथ-साथ इनके कोचिंग सेन्टर से 28 बॉक्सरों को स्पोर्टस कोटे से जॉब मिली है। वर्तमान में ब्रूसली एमेच्योर बॉक्सिंग एकेडमी में बाक्सिंग कोच व एकेडमी के संचालक यशवीर सिंह जी के मार्गदर्शन में लगभग 35 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही डीएवी स्कूल बागपत की यूकेजी की छात्रा आराध्या ने बताया कि वे स्वयं को मजबूत बनाने, अपनी सुरक्षा करने व देश के लिए मेड़ल लाने के लिए बॉक्सिंग सीख रही है। गेटवे इंटरनेशनल स्कूल बागपत की कक्षा 4 की छात्रा प्रेरणा ने बताया कि यह खेल उनको बचपन से ही पसन्द है। यह खेल शरीर को फिट रखता है। इस खेल से पूरे शरीर की कसरत अच्छी प्रकार से हो जाती है और इससे हम आत्मरक्षा करना सीखते है। कहा कि देश के लिए पदक लाना ही उनकी प्राथमिकता है। गेटवे इंटरनेशनल स्कूल बागपत की कक्षा 6 की छात्रा कनक ने बताया कि बॉक्सिंग से शरीर की ताकत और सहनशक्ति बढ़ती है, वजन कम होता है, स्वास्थ्य सुधरता है, हाथों व आँखों का तालमेल बेहतर होता है, तनाव घटता है, मूड अच्छा होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। गेटवे इंटरनेशनल स्कूल बागपत की कक्षा 11 की छात्रा अंशिका शर्मा ने बताया कि बॉक्सिंग से आत्मरक्षा के साथ-साथ संतुलन और एकाग्रता में वृद्धि होती है। बॉक्सिंग का खेल कैलोरी बर्न करने और मांसपेशियों को टोन करने में मदद करता है। गेटवे इंटरनेशनल स्कूल बागपत की कक्षा 10 की छात्रा छवि नैन ने बताया कि वह लगभग 7 महीने से बॉक्सिंग की प्रैक्टिस कर रही है। स्कूल लेवल पर देहरादून में आयोजित प्रतियोगिता में पदक प्राप्त करने के साथ-साथ मथुरा में आयोजित अंड़र 15 प्रतियोगिता में उन्होने स्टेट लेवल पर सिल्वर पदक प्राप्त किया है। बताया कि बाक्सिंग में वह मैरीकॉम की तरह विश्व स्तर पर देश के लिए पदक लाना चाहती है।












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