बैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन रोड स्थित स्वदेशी जागरण मंच जिला कार्यालय में स्वामी विवेकानंद जी पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
बैद्यनाथ धाम: प्रवेश गुप्ता (दर्शन समीक्षा)
इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी की तस्वीर पर लोगों ने पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण किया। तत्पश्चात, उपस्थित लोगों ने स्वामी जी के जीवन पर अपने – अपने विचार व्यक्त किए। स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने सन् 1193 में संपन्न हुए शिकागो धर्म सम्मेलन में अपने बौद्धिक के दरमियान सार्वभौमिक सहीष्णुता और मानवता की एकता का संदेश देकर भारतीय संस्कृति और सभ्यता को विश्व पटल पर जो प्रतिष्ठा दिलाए वह अनंत काल तक अविस्मरणीय रहेगा। स्वामी जी ने बताया था कि दरिद्र और नि:शक्त मानव में ही ईश्वर का वास स्थान हुआ करता है।इन प्राणियों की सेवा करना ही वास्तव में धर्म है। अतः हमें उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए नि:शक्त और असहाय मानव की सेवा करनी चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक गौरीशंकर शर्मा जी ने कहा कि जिस प्रकार स्वामी जी ने एक छोटे से जीवन काल में भारतवर्ष को विश्व सभ्यता के शिखर पर प्रतिष्ठा दिलाने का कार्य किया, उसी प्रकार हम सभी को उनसे प्रेरणा लेते हुए मिल-जुल कर तब तक कार्य करते रहना चाहिए जब तक भारत आर्थिक, सांस्कृतिक एवं सामरिक रूप से विश्व पटल पर मजबूती के साथ धमक देने में सफल न हो जाए।इस हेतु शर्मा जी ने लोगों से इच्छा से स्वदेशी विचारधारा को अपनाते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी एवं उपयोग का आग्रह किया।*
स्वदेशी जागरण मंच के देवघर जिला संयोजक संजय कुमार सिंह जी ने स्वामी जी द्वारा दिए गए प्रवचन के अनुसार मनुष्य को अपने जीवन में शांति, अपने अंतर्निहित शक्ति के द्वारा, स्वयं ढूंढने और आत्मविश्वास के साथ तब तक कार्य करने का आवाहन किया जब तक की लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।
आज के इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौरी शंकर शर्मा, स्वदेशी जागरण मंच के मनोज कुमार सिंह, अरुण कुमार, आशा कुमारी झा, अमर कुमार सिन्हा ,संजय कुमार सिंह, प्रभास गुप्ता, सुनील कुमार गुप्ता, जीवेश कुमार, राजीव झा, महेश दुबे जी, निलेश कुमार सिंह, बबलू मित्रा सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
सधन्यवाद
भवदीय
संजय कुमार सिंह
स्वदेशी जागरण मंच, देवघर
झारखंड












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