सोशल मीडिया से दूरी का फायदा //तीन बार UPSC प्रीलिम्स में फेल होने के बाद हार नहीं मानी,उन्होंने IFS परीक्षा में टॉप रैंक हासिल की और उन्हें ओडिशा कैडर मिला है, जो उनकी दृढ़ता का प्रमाण है।

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झारखंड की कनिका अनभ

जिन्होंने तीन बार UPSC प्रीलिम्स में फेल होने के बाद हार नहीं मानी और 2024 में भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा में AIR-1 रैंक हासिल की; वह IAS टीना डाबी से प्रेरित थीं और उनकी कहानी UPSC उम्मीदवारों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो दिखाती है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता मिलती है, जिसमें कनिका ने 10 घंटे रोज़ पढ़कर, किताबों को कई बार दोहराकर और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर यह मुकाम हासिल किया।
कनिका अनभ की सफलता की कहानी:
असफलता से सीख: कनिका तीन बार UPSC प्रीलिम्स में असफल हुईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सिविल सेवा परीक्षा के साथ-साथ इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) की तैयारी भी जारी रखी।
टीना डाबी से प्रेरणा: वह IAS टीना डाबी को अपनी प्रेरणा मानती थीं और उन्हीं से प्रेरणा लेकर उन्होंने पूरी लगन से तैयारी की।
कड़ी मेहनत और रणनीति: उन्होंने हर दिन 10 घंटे पढ़ाई की, 2-2 घंटे के शेड्यूल में रिवीजन, पॉलिटिकल साइंस और NCERT को बांटा, और लक्ष्मीकांत जैसी किताबों को 20-25 बार दोहराया।
सोशल मीडिया से दूरी: अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम कर दिया और सिर्फ नोट्स या डाउट्स क्लियर करने के लिए फोन का उपयोग किया।
परिणाम: अंततः उन्होंने IFS परीक्षा में टॉप रैंक हासिल की और उन्हें ओडिशा कैडर मिला है, जो उनकी दृढ़ता का प्रमाण है।
संक्षेप में, यह कहानी टीना डाबी की सफलता के बाद उनकी प्रेरणा से एक और उम्मीदवार (कनिका) के तीन बार की असफलता के बाद टॉप करने की है, जो दिखाती है कि समर्पण और सही रणनीति से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।

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