04 जनवरी
महान वैज्ञानिक ‘सर आईजैक न्यूटन’ // जयंती
जन्म : 04 जनवरी 1643
मृत्यु : 31 मार्च 1727
आधुनिक विज्ञान की नींव रखने वाले न्यूटन का जन्म आधुनिक कैंलेंडर के अनुसार 4 जनवरी 1643 ईस्वी को हुआ। इस महामानव ने विज्ञान को एक मजबूत स्तंभ प्रदान किया है। न्यूटन के गति के नियम भौतिकशास्त्र की बड़ी उपलब्धि है।
आइए इस महान वैज्ञानिक के बारे में कुछ रोचक तथ्य जानते हैं <<
- न्यूटन के जन्म के तीन महीने पहले उनके पिता का निधन हो गया था। जब न्यूटन का जन्म हुआ तो वह सामान्य नहीं थे और उनका आकार बहुत छोटा था। डाक्टरों का कहना था कि वह बच नहीं पाएँगे।
- सर आईजैक न्यूटन ने गणित, भौतिक शास्त्र (Physics) और खगोलशास्त्र के सिवाए कई धार्मिक किताबें भी लिखी हैं।
- न्यूटन के सिर के ऊपर सेब गिरने से उनकी विज्ञान के प्रति प्रेरणा पैदा होने की बात एक लेखक Voltoire द्वारा प्रसिद्ध की गई है।
- न्यूटन अपनी खोजों को जग-जाहिर करने से कतराते थे। उन्होंने करीब 20 साल तक अपनी खोजों के बारे में किसी को नहीं बताया था।
- जब न्यूटन छोटे थे तो वह पढ़ाई में कुछ खास अच्छे नहीं थे। एक बार स्कूल में एक लड़के ने न्यूटन को पीटा मगर न्यूटन जब गुस्से में आ गए। तो उस लड़के को भाग के अपनी जान बचानी पड़ी। पर, जोशीले न्यूटन यहीं पर संतुष्ट नहीं हुए, वह उस लड़के को पढ़ाई के क्षेत्र में भी पीछे करके सबक सीखाना चाहते थे। उसी दिन से न्यूटन ने पढ़ाई में दिन रात एक कर दी। यह एक महत्तवपूर्ण लम्हा था जिसकी वजह से न्यूटन पढ़ाई की और आकर्षित हुए और इतनी खोजें की।
- न्यूटन सिर्फ 23 साल के थे जब उन्होंने गुरूत्वाकर्षण की खोज की।
- जिस वर्ष न्यूटन का जन्म हुआ था उसी वर्ष गैलीलीयो गैलीलायाई का निधन हुआ था।
- धरती सूर्य के ईर्द-गिर्द गोल नहीं बल्कि अंड़ाकार घुमती है यह भी न्यूटन ने ही बताया था।
- न्यूटन एक खोजी भी थे। न्यूटन ने पहली प्रकाश को परिर्वतित करने वाली दूरबीन खुद अपने हाथों से बनाई थी जो कि आज भी उपयोग की जाती है।
- न्यूटन के अनुमान के अनुसार संसार 2060 से पहले तक खत्म नहीं होगा।
- महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आईस्टाईन अपने अध्ययन कक्ष (Study room) में दीवार पर सर आईजैक न्यूटन के साथ माइकल फैराडे और जेम्स मैक्सवैल की तस्वीर लगाकर रखते थे।
- न्यूटन ने आजीवन शादी नहीं की।
इनकी कहानी बहुत ही दुखभरी है। जब इनका जन्म हुआ तो, जन्म के 3 माह पहले ही इनके पिता का देहांत हो गया था। इसके आलावा इनका जन्म समय से पहले ही हो गया था। जिस कारण ये बहुत ही कमजोर हुए और इनका बच पाना भी संभव नहीं था। लेकिन शायद ऊपर वाला चाहता था कि, ये दुनिया में कुछ करिश्मा कर जाए तो ये बच ही गए। उनके सर पर पिता का साया नहीं था। सोचिये उस बच्चे और उसकी माँ पर क्या बीती होगी। इतना ही नहीं जन्म के कुछ समय बाद इनकी माँ ने दूसरी शादी कर ली और इनको दादी के पास छोड़ दिया। ये बचपन में अपनी माँ से दूर रहे, सोचिये क्या बीती होगी इन पर। न्यूटन को इनके सोतेले पिता बिलकुल भी अच्छे नहीं लगते थे।
इन्होंने स्कूली शिक्षा पूर्ण की, और महाविद्यालय में दाखिला लेने के लिए आवेदन किया। इन्हें बचपन से ही गणित पढ़ने का बहुत ही शौक था। लेकिन जिस कॉलेज में इन्हें दाखिला मिला उस कॉलेज में गणित नहीं पढाते थे। तो इनका पढाई में मन नहीं लगा, और इन्हें कॉलेज से निकाल दिया गया। कुछ टाइम बाद कॉलेज के प्रिंसिपल ने इन्हें कॉलेज में बुलाया। इसके बाद इनका पढ़ाई में मन बहुत ही अच्छे से लगा और ये कॉलेज में topper student रहे। इसी बीच इनके माँ के दूसरे पति का भी देहांत हो गया, इनकी आर्थिक स्थिति बेहद ही गंभीर थी।
कॉलेज का जीवन और रिसर्च <<
ये जब कॉलेज में थे तो इनके पास कॉलेज की फीस चुकाने के लिए रूपये नहीं थे। तो ये कॉलेज का पूरा काम किया करते थे, जिससे इनकी फीस चुक जाती थी।
ये बचपन से ही सूरज की रौशनी (Luz solar) से बहुत ही आकर्षित होते थे और ये सोचते थे कि, आखिर पृथ्वी सूर्य के चक्कर क्यों लगाती है और चन्द्रमा पृथ्वी के चक्कर क्यों लगाते हैं। एक बार ये एक पेड़ के नीचे बैठे हुए थे तो इनके ऊपर फल गिर गया तो इसी समय इन्होंने सोचा की आखिर ऐसा क्या है कि, पेड़ से गिरा हुआ फल ऊपर नहीं जाता है। बल्कि नीचे गिरता है, तभी इन्होंने कुछ साल इस पर रिसर्च करने की कोशिश की और रिजल्ट दुनिया के सामने रख दिये। इन्होंने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की, जिसमें इन्होंने दुनिया को बताया की पृथ्वी में गुरुत्वाकर्षण बल होता है जो किसी भी चीज को अपनी और खींचता है।
इसके आलावा इन्होंने हमें बहुत से सिद्धांत भी दिए। कुछ प्रमेय भी दी जो हम गणित में पढते हैं। इन्होंने हमें द्वीपद प्रमेय दी जो गणित के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रमेय है, इसे गणित का एक हिस्सा कहा जाता है। इसके आलावा इन्होंने हमें पाई (π) का मान निकालने के लिए नया फार्मूला दिया जो बहुत ही अच्छा है। इसके अलावा भी इन्होंने हमें बहुत कुछ बताया कि सफ़ेद प्रकाश वास्तव में बहुत सारे रंगों के प्रकाश से मिलकर बना होता है और भार, द्रव्यमान के बारे में भी इन्होंने हमें समझाया।
प्रकाश के रंगों की खोज में न्यूटन की एक घटना काफी प्रसिद्ध है। एक बार उनके दिमाग में रंगों से प्रकाश के रंगों के सम्बन्ध में जानने का मन हुआ। तो उन्होंने सूर्य की और देखना शुरू कर दिया, वो काफी देर तक सूर्य की ओर देखते रहे। तभी उनका एक दोस्त आया और उनसे कहा कि सूर्य की ओर क्यों देख रहे हो। तो उन्होंने पूरी बात बतायी। तो उनका दोस्त कहने लगा कि, इस तरह से तुम प्रकाश की ओर देखते रहे तो तुम्हारी आँखें खराब हो जायेंगी। लेकिन न्यूटन के ऊपर तो इस बारे में खोज करने का भूत सवार था। वो तो बस सूर्य की और देखते ही रहे तभी अचानक ही उनकी आँखों में दर्द हुआ और उनका दोस्त उन्हें एक कमरे में ले गया और उन्हें आराम करने को कहा, आखिर उनकी आँखें तो ठीक हो गयी। लेकिन उन्होंने ये करके रंगों के बारे में काफी कुछ सीख लिया था, इस तरह के अलग अलग रिसर्च उन्होंने अपने जीवन में किये और हमें बहुत सी बातों का ज्ञान कराया।
तो इस तरह से एक साधारण से व्यक्ति ने अपने सोच के जादू (Magic of Thinking) से एक ऐसा करिश्मा कर दिखाया कि जब तक ये दुनिया रहेगी, हम सभी न्यूटन को याद करते रहेंगे क्योंकि एक इन्सान की पहचान उसके काम से की जाती है और न्यूटन के द्वारा किये गए काम अतुलनीय हैं। वो हमारे लिए एक महान वैज्ञानिक हैं।
Source:ALL INDIA NEWS












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