“जय जवान, जय किसान” – लाल बहादुर शास्त्री जी

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सादर नमन🙏

हर साल 2 अक्टूबर को भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती (Shastri Jayanti) पूरे देश में बड़े गर्व के साथ मनाई जाती है। शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को मुगलसराय, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे अपनी अद्वितीय सादगी, ईमानदारी, देशभक्ति और दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाते हैं।

प्रमुख योगदान और उपलब्धियाँ

“जय जवान, जय किसान” का ऐतिहासिक नारा:- 1965 में जब देश गंभीर खाद्यान्न संकट (अकाल) और पाकिस्तान के साथ युद्ध का सामना कर रहा था, तब शास्त्री जी ने देश के जवानों और किसानों का मनोबल बढ़ाने के लिए (मुख्यालय की तरह काम करने वाला) “जय जवान, जय किसान” का अमर नारा दिया था।

1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध:- उनके कुशल और दृढ़ नेतृत्व में भारतीय सेना ने 1965 के युद्ध में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी।

हरित और श्वेत क्रांति को प्रोत्साहन:- उन्होंने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरित क्रांति (Green Revolution) और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए श्वेत क्रांति (White Revolution) यानी अमूल दुग्ध सहकारी आंदोलन को जबरदस्त बढ़ावा दिया।

सादगी की मिसाल:- देश में अनाज की भारी कमी होने पर, उन्होंने सबसे पहले अपने स्वयं के परिवार से शुरुआत की और फिर पूरे देशवासियों से हफ्ते में एक दिन उपवास रखने की अपील की थी, जिसे पूरे देश ने माना।

संक्षिप्त जीवन परिचय

पूरा नाम :- लाल बहादुर शास्त्री (वास्तविक उपनाम श्रीवास्तव था, जिसे उन्होंने त्याग दिया)

जन्म तिथि व स्थान:- 2 अक्टूबर 1904, मुगलसराय (उत्तर प्रदेश)

प्रधानमंत्री कार्यकाल :- 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 (भारत के दूसरे प्रधानमंत्री)

महाप्रयाण (निधन):- 11 जनवरी 1966 को ताशकंद (उज्बेकिस्तान) में

शास्त्री जी का शुचितापूर्ण जीवन और उनके विचार आज भी हर भारतीय को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते हैं। उनके इसी अमूल्य योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से भी सम्मानित किया गया था।