आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीज़ों का बड़ा संकट आ सकता है
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा
खाने-पीने की चीज़ों की बात करें तो आज हम ऐसी स्थिति देख रहे हैं जहां अनाज एक्सपोर्ट करने वाले कुछ बड़े देश अपनी शिपमेंट नहीं भेज पा रहे, खासकर ब्लैक सी के रास्ते.
हम पहले ही फर्टिलाइजर (खाद) की भारी कमी देख रहे हैं क्योंकि इसके मुख्य प्रोड्यूसर मिडिल ईस्ट और रूस में हैं, और वहां फर्टिलाइजर प्रोडक्शन पर असर पड़ा है. इसके अलावा, हम ‘सुपर अल नीनो’ की स्थिति भी देख रहे हैं.
इसलिए, आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीज़ों का बड़ा संकट आ सकता है.
अगर एनर्जी की भारी कमी हो, और उसके साथ खाने-पीने की चीज़ों और फर्टिलाइज़र की भी कमी हो, और साथ ही फाइनेंस की दिक्कत भी हो तो कुल मिलाकर नतीजा बहुत ही तनावपूर्ण है.











