आनन्द मार्ग-जागृति का द्वितीय चरण, प्रथम संभागीय, त्रिदिवसीय आध्यात्मिक एवं सामाजिक दर्शन पर आधारित सेमिनार धूमधाम से आयोजित
देवघर। प्रवेश गुप्ता (दर्शन समीक्षा)
आनद मार्ग प्रचारक संघ, भुक्ति, देवघर के सौजन्य से आनन्द मार्ग जागृति, राजाबगीचा, देवघर का द्वितीय चरण, प्रथम-सम्भागीय, त्रिदिवसीय आध्यात्मिक एवं सामाजिक दर्शन पर आधारित सेमिनार धूमधाम से आयोजित किया गया। जिसमें वक्ताओं ने शरीर, मन व आत्मा के त्रिस्तरीय मानव जीवन शरीर के विकास को ही सर्वान्गीन विकास कहा। इसके लिए संतुलित जीवन शैली, प्रेम, परोपकार, सहयोग व नारायण सेवा के प्रति लोगो को प्रेरित करने और अपने स्वयं के जीवन शैली में शामिल करने की बात कही। इस अवसर पर आचार्य अवनिंद्रानंद अवधूत ने कहा कि करुणा, प्रेम और भक्ति जीव के भीतर जागृत हुआ दिव्य प्रेम है। जो ज्ञान, आस्था और कर्म को पूर्णतः पूर्णता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की सेवा, प्रेम, समर्पण व एकत्व का अनुभव कराना है। आयोजन में भुक्ति प्रधान सुनील कुमार यादव, जनसंपर्क सचिव विकास कुमार, आचार्य भावानन्द अवधूत, आचार्य मधुमायान्द अवधूत, मुख्य प्रशिक्षक आचार्य अवनिनिंद्रान्द अवधूत, बमबम कुमार, अधीर मंडल इत्यादि की सक्रिय, सराहनीय व प्रेरणादायी भूमिका रही। मौके पर, राष्ट्रीय हिंदू परिषद (भारत) के जिला अध्यक्ष, श्री प्रभाष गुप्ता ने कहा, कि आनंद मार्ग द्वारा लोगो को प्रेम, परोपकार, सहयोग एवं नारायण सेवा करने की प्रेरणा देता है। आनन्द मार्ग , लोगों को साधना करना, आत्मोन्नति करना और परमात्मा के समीप जाने का मार्ग प्रशस्त करने का सशक्त माध्यम है।












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