भारत वर्ल्ड बैंक का सबसे बड़े विदेशी कर्जदाताओं में से एक है, जिस पर भारत का लगभग $39.3 बिलियन (करीब 3.28 लाख करोड़ रुपये) का भारी भरकम कर्ज है।प्रति व्यक्ति औसत कर्ज 2 साल में 23% बढ़कर 4.8 लाख रुपये तक पहुँच गया है।

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भारत के संदर्भ में, वर्ल्ड बैंक (World Bank) सबसे बड़े विदेशी कर्जदाताओं में से एक है, जिस पर भारत का लगभग $39.3 बिलियन (करीब 3.28 लाख करोड़ रुपये) का भारी भरकम कर्ज है।

इसके साथ ही, RBI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रति व्यक्ति औसत कर्ज 2 साल में 23% बढ़कर 4.8 लाख रुपये तक पहुँच गया है।
सबसे बड़ा लेनदार: भारत के सबसे बड़े कर्जदाताओं में विश्व बैंक शामिल है, जो बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए धन मुहैया कराता है।
कर्ज का बोझ: भारत पर कुल कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ा है, जो देश के आर्थिक परिदृश्य पर असर डालता है।
व्यक्तिगत ऋण: हर भारतीय पर औसतन 4.8 लाख रुपये का ऋण है, जिसमें रिटेल, पर्सनल और हाउसिंग लोन शामिल हैं।

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