EX IPS अमिताभ ठाकुर//जांच अधिकारी (IO) कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके, जिस पर जज ने कड़ी फटकार लगाते हुए जांच की दिशा और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए,अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और न्याय व्यवस्था में हलचल मचा दी है।

Spread the love

देवरिया/लखनऊ। 25 साल पुराने कथित धोखाधड़ी मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और न्याय व्यवस्था में हलचल मचा दी है। देवरिया जेल में बंद ठाकुर की शनिवार को सीजेएम कोर्ट में पेशी हुई, जहां उनकी जमानत पर करीब 30 मिनट तक बहस चली। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी (IO) कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके, जिस पर जज ने कड़ी फटकार लगाते हुए जांच की दिशा और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। कोर्ट ने मामले की मॉनिटरिंग का संकेत भी दिया।

अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ “चुनिंदा कार्रवाई” की जा रही है, जबकि प्रभावशाली आरोपियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्होंने पूर्व सांसद धनंजय सिंह और कुछ बड़े नामों से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया, उनके खिलाफ साजिश रची गई। वाराणसी में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया और इसके अगले ही दिन रात करीब दो बजे उन्हें अचानक गिरफ्तार कर लिया गया। “जिस तरह रात में उठाया गया, उससे एनकाउंटर का डर लगा,” ठाकुर का दावा है।

‘कोकीन मामला सिर्फ प्यादा, नेटवर्क बड़ा’
पूर्व आईपीएस ने यह भी कहा कि चर्चित कोकीन मामले में शिवम जायसवाल केवल “प्यादा” है, जबकि इसके पीछे गहरा नेटवर्क और बड़े नाम शामिल हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने पहले ही दो-तीन बड़े नामों का खुलासा किया था।

कांग्रेस का हमला, CCTV-CDR की मांग
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईमानदार पूर्व आईपीएस को 1999 के 25-26 साल पुराने प्लॉट आवंटन मामले में जेल भेज दिया गया, जबकि बाहुबली, कोकीन माफिया और अवैध खनन से जुड़े लोग खुलेआम घूम रहे हैं। अजय राय ने गिरफ्तारी के समय की CCTV फुटेज और CDR सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि कथित पुलिसिया उत्पीड़न का सच सामने आ सके।

वकील बोले—‘25 साल में सबूत नहीं, अब गिरफ्तारी क्यों?’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *