मादुरो और इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस//सुरक्षा में 24 घंटे करीब 2000 कमांडोज तैनात रहते थे. ये कमांडोज वेनेजुएला की आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के सबसे खूंखार जवान थे.कैसे उठा लिया अमेरिका पुरी कहानी

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शनिवार की रात वेनेजुएला के आसमान में अचानक सुपरसोनिक विमानों की गड़गड़ाहट गूंज उठी. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में इतिहास पलटने वाला है. जैसे कभी सीक्रेट ऑपरेशन चलाकर ओसामा बिन लादेन को पकड़ा गया था, उसी तरह अमेरिकी सेनाओं ने बेहद घातक और गोपनीय ऑपरेशन को अंजाम दिया. वेनेजुएला पर बड़ा हमला करके वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया और देश से बाहर ले गए.

ट्रंप ने मादुरो, पत्नी के पकड़े जाने की पुष्टि की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला किया है और निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया है. उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है. ट्रंप ने बताया कि ये कार्रवाई अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर की गई है.”
अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने के बाद पिछले कुछ महीनों से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा सचेत हो गए थे. वह हर रोज अलग-अलग बिस्तर पर सोते थे. हर बार वह अलग फोन यूज करते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक ना हो सके. शेड्यूल इवेंट्स और लाइव ब्रॉडकास्ट में बेहद कम नजर आते थे. उन्हें आखिरी बार नए साल के दिन वेनेजुएला के सरकारी टीवी पर एक इंटरव्यू में देखा गया था. इस इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका को एक भाई देश कहा था. साथ ही कहा था कि अगर अमेरिका चाहता है कि ड्रग मामले का समाधान निकाला जाए तो वेनेजुएला बातचीत के लिए तैयार है.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी सुरक्षा में 24 घंटे करीब 2000 कमांडोज तैनात रहते थे. ये कमांडोज वेनेजुएला की आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के सबसे खूंखार जवान थे. मादुरो की सुरक्षा ऐसी थी कि उसे आसानी से नहीं भेदा जा सकता था. लेकिन फिर भी अमेरिकी सैनिक बहुत ही आसानी से उन्हें पत्नी समेत अमेरिका उठा ले गए. अब सवाल पैदा होता है कि अगर इतनी सुरक्षा थी तो उस वक्त उनके सुरक्षा गार्ड्स क्या कर रहे थे? इसके अलावा दूसरा सवाल है कि वेनेजुएला में क्यूबा के सैनिक क्या कर रहे थे”
सुरक्षा टीम में बदलाव
जैसे-जैसे अमेरिका के साथ तनाव बढ़ता गया मादुरो अपनी सुरक्षा टीम में बदलाव करते गए. वह क्यूबाई एजेंटों से घिरे रहते थे. उनके पास इस दौरान कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं होती थी. उन्होंने अपनी इंटेलिजेंस में भी काफी क्यूबाई अधिकारियों को शामिल किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब से मादुरो ने वेनेजुएला की सत्ता संभाली है, तब से क्यूबा उन्हें सुरक्षा दे रहा है.

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क्यूबा का बयान
अमेरिका के हमले के बाद क्यूबा ने बयान जारी कर कहा कि इसमें उसके 32 नागरिकों की मौत हो गई. ये लोग सेना और खुफिया एजेंसियों से जुड़े हुए थे. हालांकि, यह साफ नहीं बताया गया कि इनमें से कितने राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात थे. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मादुरो हाल के महीनों में क्यूबा के सैनिकों पर ज्यादा डिपेंड हो गए थे. इसके बाद सवाल उठने लगे कि वेनेजुएला में क्यूबा सैनिक क्या कर रहे थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्यूबा का कहना है कि वेनेजुएला की एजेंसियों के अनुरोध पर ये सैनिक वेनेजुएला में मिशन पर थे.

खरीद लिए थे गार्ड्स
सबसे सनसनीखेज खुलासा ये सामने आया कि मादुरो के निजी बॉडीगार्ड्स भी अमेरिका के लिए काम कर रहे थे. अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने मादुरो के प्राइवेट बॉडीगार्ड्स को भी खरीद दिया था. इसके लिए अमेरिकी सरकार ने 50 मिलियन डॉलर की मोटी रिश्वत दी थी, जिससे मादुरो को पकड़ना बच्चों का खेल हो गया.

अपनों ने दिया धोखा
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला सरकार में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने अपना इनसाइडर घुसा रखा था. यह इनसाइडर इतना अंदर घुसा हुआ था कि वह अमेरिकी सुरक्षाबलों को मादुरो के बारे में पल-पल की जानकारी मुहैया करवा रहा था. मादुरो क्या खाते हैं, कहां और कब सोते हैं, क्या पहनते हैं… ये सब जानकारी सीआईए को दी गई. कई महीनों से मादुरो की जासूसी की जा रही थी.

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