नए वर्ष में कब-कब बजेगी शहनाई? विवाह संस्कार के लिए विशेष सन् 2026 ई. : शुभ मुहूर्तों की संख्या जानिए — महंत रोहित शास्त्री जी से
जानिए गुरु और शुक्र सन् 2026 ई . में कब अस्त ( तारा डूबेगा)और उदय ( तारा चढ़ेगा) हो रहे हैं।
जम्मूकश्मीर : सनातन धर्म में विवाह को केवल एक सामाजिक बंधन नहीं, बल्कि एक पवित्र संस्कार माना गया है। शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त में संपन्न विवाह न केवल दांपत्य जीवन को सुखमय बनाता है, बल्कि भावी जीवन में आने वाली बाधाओं को भी न्यूनतम करता है। इसी कड़ी में सन् 2026 ई. को लेकर आमजन में विवाह के शुभ मुहूर्तों को लेकर विशेष जिज्ञासा बनी हुई है।
इस विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं स्टेट अवॉर्डी ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री जी ने बताया कि वर्ष 2026 में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त संख्या में विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह वर्ष विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए अत्यंत अनुकूल सिद्ध होने जा रहा है।
महंत रोहित शास्त्री जी के अनुसार, वर्ष 2026 में देवगुरु बृहस्पति, शुक्र और चंद्रमा की अनुकूल स्थिति के कारण विवाह संस्कार के लिए कई श्रेष्ठ योग निर्मित हो रहे हैं। पंचांग के अनुसार, नए वर्ष के पहले माह में कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है। इसकी प्रमुख वजह खरमास एवं शुक्र तारे का अस्त होना है। इसी कारण जनवरी माह में विवाह हेतु कोई भी शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने बताया कि सन् 2025 ई. में 12 दिसंबर की देर रात 02:10 बजे शुक्र तारा पूर्व दिशा में अस्त हुआ था, जबकि सन् 2026 ई. में 01 फरवरी, रविवार को प्रातः 07:05 बजे शुक्र तारा पश्चिम दिशा में उदय होगा। इस मध्य अवधि में विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों से पूर्णतः बचना चाहिए। अतः वर्ष 2026 में 01 फरवरी के बाद ही शुभ मुहूर्त में विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे।
वर्ष 2026 के विवाह के शुभ मुहूर्त
फरवरी
बुधवार – 04 फरवरी
गुरुवार – 05 फरवरी
मंगलवार – 10 फरवरी
शुक्रवार – 20 फरवरी
शनिवार – 21 फरवरी
मंगलवार – 24 फरवरी
बुधवार – 25 फरवरी
गुरुवार – 26 फरवरी
मार्च
सोमवार – 09 मार्च
मंगलवार – 10 मार्च
बुधवार – 11 मार्च
गुरुवार – 12 मार्च
अप्रैल माह
सोमवार — 20 अप्रैल
मंगलवार — 21 अप्रैल
शनिवार — 25 अप्रैल
रविवार — 26 अप्रैल
बुधवार — 29 अप्रैल
गुरुवार — 30 अप्रैल
मई माह
मंगलवार — 05 मई
बुधवार — 06 मई
गुरुवार — 07 मई
शुक्रवार — 08 मई
रविवार — 10 मई
बुधवार — 13 मई
विशेष सूचना: 17 मई से 15 जून तक (पुरुषोत्तम ) मलमास रहेगा।
जून माह
शुक्रवार — 19 जून
शनिवार — 20 जून
मंगलवार — 23 जून
बुधवार — 24 जून
शुक्रवार — 26 जून
शनिवार — 27 जून
सोमवार — 29 जून
जुलाई माह
बुधवार — 01 जुलाई
शुक्रवार — 03 जुलाई
शनिवार — 04 जुलाई
सोमवार — 06 जुलाई
मंगलवार — 07 जुलाई
बुधवार — 08 जुलाई
गुरुवार — 09 जुलाई
शनिवार — 11 जुलाई
तारा डूबेगा 15 जुलाई से 09 अगस्त तक गुरु अस्त ( तारा डूबेगा) रहेगा।
देवशयनकाल (चातुर्मास):
जम्मू–कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान में 25 जुलाई से 21 नवंबर तक विवाह के शुभ मुहूर्त।
अगस्त माह
गुरुवार — 13 अगस्त
मंगलवार — 18 अगस्त
गुरुवार — 20 अगस्त
शनिवार — 22 अगस्त
रविवार — 23 अगस्त
सोमवार — 24 अगस्त
मंगलवार — 25 अगस्त
शनिवार — 29 अगस्त
रविवार — 30 अगस्त
सितंबर माह
गुरुवार — 03 सितंबर
शुक्रवार — 04 सितंबर
शनिवार — 05 सितंबर
शनिवार — 12 सितंबर
रविवार — 13 सितंबर
सोमवार — 14 सितंबर
सोमवार — 21 सितंबर
तारा डूबेगा 12 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक शुक्र अस्त (तारा डूबेगा)
नवंबर माह
सोमवार — 02 नवंबर
मंगलवार — 03 नवंबर
मंगलवार — 10 नवंबर
बुधवार — 11 नवंबर
गुरुवार — 12 नवंबर
शुक्रवार — 13 नवंबर
शनिवार — 21 नवंबर
रविवार — 22 नवंबर
मंगलवार — 23 नवंबर
बुधवार — 25 नवंबर
गुरुवार — 26 नवंबर
दिसंबर माह
बुधवार — 02 दिसंबर
गुरुवार — 03 दिसंबर
शुक्रवार — 04 दिसंबर
शनिवार — 05 दिसंबर
शुक्रवार — 11 दिसंबर
शनिवार — 12 दिसंबर
महंत रोहित शास्त्री जी ने स्पष्ट किया कि विवाह के लिए केवल तिथि ही नहीं, बल्कि वार, नक्षत्र, योग और लग्न का भी विशेष महत्व होता है। अतः किसी भी तिथि का चयन करते समय वर–वधू की कुंडली मिलान एवं व्यक्तिगत ग्रह-दशाओं का विचार करना अत्यंत आवश्यक है। इससे वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और संतुलन बना रहता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में लोग सुविधानुसार तिथि चुन लेते हैं, किंतु यदि विवाह संस्कार शुभ मुहूर्त में संपन्न किया जाए तो उसका सकारात्मक प्रभाव जीवन भर बना रहता है। उन्होंने अभिभावकों एवं विवाह योग्य युवक–युवतियों से आग्रह किया कि वर्ष 2026 के शुभ मुहूर्तों की जानकारी समय रहते प्राप्त कर विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न करें।
अंत में उन्होंने कहा कि श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट सनातन परंपराओं, वैदिक ज्ञान और जनकल्याण के लिए निरंतर समर्पित रहा है तथा भविष्य में भी समाज को शुद्ध, प्रामाणिक और वैज्ञानिक ज्योतिषीय मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।
महंत रोहित शास्त्री
(ज्योतिषाचार्य)
अध्यक्ष — श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट (पंजीकृत)
रायपुर ठठर, जम्मू
पोस्ट ऑफिस — रायपुर | पिन कोड — 181123
संपर्क: 9858293195, 7006711011, 9796293195
ईमेल: rohitshastri.shastri1@gmail.com












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