सहारनपुर यूपी // बालाजी सेवा समिति के तत्वावधान में निकाली गई श्री बालाजी शोभायात्रा ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश की। शोभायात्रा के दौरान मुस्लिम समाज के युवाओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया, जिससे पूरे कस्बे में सौहार्द और एकता का संदेश फैल गया।

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अंबेहटापीर:हिंदू-मुस्लिम एकता का अनुपम प्रतीक बना बालाजी शोभायात्रा.. मुस्लिम समाज ने शोभायात्रा पर की पुष्प वर्षा..बालाजी सेवा समिति ने पटका पहनाकर किया सम्मानित..आपसी सोहार्द का दिखा संगम.. क्षेत्र में हो रही सराहना…
सहारनपुर,अंबेहटा: बालाजी सेवा समिति के तत्वावधान में निकाली गई श्री बालाजी शोभायात्रा ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश की। शोभायात्रा के दौरान मुस्लिम समाज के युवाओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया, जिससे पूरे कस्बे में सौहार्द और एकता का संदेश फैल गया।
शोभायात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य बस स्टैंड, मेन बाजार और विभिन्न मोहल्लों से गुजरी। मार्ग में मुस्लिम समाज के युवाओं ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा को अभिवादन किया। इस मौके पर सैय्यद अनवर, मरगूब अंसारी, शाकिर लाइनमैंन, मोहम्मद असलम, आकिल पधान, दिलशाद सलमानी, दानिश खान सहित
दर्जनों मुस्लिम युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और भाईचारे का सुंदर संदेश दिया।हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस एकता को और मजबूत किया
अमित गुप्ता, नितिन भटनागर, शम्मी जैन, राहुल जैन, मोनू रोहिला, राजू रोहिला, मोनू जांगिड़, रवि कश्यप, हर्षित मित्तल, मनीष मित्तल सहित दर्जनों हिंदू भाइयों ने मुस्लिम युवकों को पटका पहनाकर सम्मानित किया और कस्बे की सौहार्दपूर्ण खूबसूरती को रेखांकित किया।
इस आयोजन से अंबेहटा पीर एक बार फिर साबित हो गया कि हिंदू और मुस्लिम समाज मिलकर रहते हैं और एक-दूसरे का सम्मान कर सकते हैं।
अंबेहटा पीर: हिंदू-मुस्लिम एकता का जीवंत उदाहरण
अंबेहटा में निकाली गई श्री बालाजी शोभायात्रा ने धार्मिक सद्भाव का नया कीर्तिमान स्थापित किया। मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा पुष्प वर्षा और हिंदू समाज द्वारा मुस्लिम युवाओं का पटका पहनाकर सम्मान करना देखकर स्थानीय लोग भावुक हो गए।
यह शोभायात्रा न सिर्फ धार्मिक उत्सव थी, बल्कि भाईचारे और साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक भी बनी। दोनों समुदायों के लोगों ने मिलकर यह साबित किया कि अलग-अलग धर्मों के बावजूद हम एक हैं और एक-दूसरे के उत्सव में खुशी से शामिल हो सकते हैं।
बालाजी सेवा समिति के सभी सदस्यों और दोनों समुदायों के युवाओं को इस सुंदर पहल के लिए बधाई।
अंबेहटा जैसे छोटे कस्बे से निकलने वाला यह संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
रिपोर्ट संजय चौधरी हसीब ख़ान
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