उरुग्वे के पूर्व राष्ट्रपति जोस मुजिका (2010-2015) को “दुनिया का सबसे गरीब राष्ट्रपति” कहा जाता है क्योंकि उन्होंने अपनी सैलरी का 90% गरीबों को दान कर दिया। वे आलीशान महल के बजाय एक साधारण फार्महाउस में रहे और अपनी पुरानी वोक्सवैगन बीटल चलाते थे, जो सादगी और देश सेवा का प्रतीक बना,
आय का दान: मुजिका ने लगभग $12,000 के मासिक वेतन का 90% हिस्सा चैरिटी और गरीब परिवारों की मदद के लिए दान कर दिया।
उन्होंने राष्ट्रपति भवन में रहने से मना कर दिया और अपनी पत्नी के साथ एक साधारण फार्महाउस में रहे।
वे स्वयं पानी भरते, कपड़े धोते और खेती करते थे। वे एक 1987 मॉडल की कार चलाते थे।
जन-केंद्रित नीतियां

उनके कार्यकाल में, उरुग्वे में गरीबी दर 40% से घटकर 11% रह गई।
मुजिका के कार्यकाल में समलैंगिक विवाह की वैधता और मारिजुआना को वैध बनाने जैसे साहसी फैसले लिए गए।
जीवन दर्शन

उनका मानना था कि सच्चा धन सादगी में है, न कि भौतिक सुखों को इकट्ठा करने में।
उनके लिए, राजनीति का मतलब सत्ता का आनंद लेना नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पण था।












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