ब्लड में एसिडिटी के लक्षण //लक्षण एसिडिटी का प्रमुख लक्षण है रोगी के सीने या छाती में जलन। अनेक बार एसिडिटी की वजह से सीने में दर्द भी रहता है, मुंह में खट्टा पानी आता है

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☀️ब्लड में एसिडिटी के लक्षण ☀️

👉ब्लड में एसिडिटी (मेटाबोलिक एसिडोसिस) एक गंभीर स्थिति है जिसमें खून का pH स्तर असंतुलित हो जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में लगातार थकान, कमजोरी, तेज या गहरी सांस लेना, जी मिचलाना, उल्टी, सिरदर्द, भूख में कमी और दिल की धड़कन का तेज होना शामिल हैं। गंभीर मामलों में भ्रम या चक्कर भी आ सकते हैं।

ब्लड में एसिडिटी (Metabolic Acidosis) के मुख्य लक्षण:
👉तेज सांस लेना (Rapid Breathing): शरीर एसिड को बाहर निकालने की कोशिश में तेज और गहरी सांसें लेने लगता है।
👉अत्यधिक थकान और कमजोरी: शरीर में एसिड जमा होने से हर समय थका हुआ महसूस होना।
👉मतली और उल्टी: जी मिचलाना, उल्टी आना या भूख में कमी होना।
👉दिल की धड़कन तेज होना: हृदय गति में तेजी या धड़कन महसूस होना।
👉भ्रम या चक्कर: मानसिक स्पष्टता में कमी, भ्रम होना या चक्कर आना।
👉सांस से अजीब गंध: कभी-कभी सांस से मीठी या फलों जैसी गंध आना।
👉सिरदर्द: लगातार सिरदर्द बने रहना।

पेट की एसिडिटी (Acidity) बनाम खून की एसिडिटी:
👉 ध्यान दें कि पेट की एसिडिटी (सीने में जलन, खट्टी डकार) अलग है, जबकि खून की एसिडिटी (एसिडोसिस) एक चिकित्सीय आपातकाल है जो किडनी या फेफड़ों, ह्रदय की समस्याओं के कारण हो सकती है।
यदि ये लक्षण लगातार बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
👉 लैक्टिक एसिडोसिस: कारण, लक्षण, प्रकार और उपचार – — लैक्टिक एसिडोसिस में क्या होता है? लैक्टिक एसिडोसिस में शरीर लैक्टिक एसिड को साफ करने की क्षमता खो देता है, जिसकी वजह से यह खून में जमा होने लगता है।

👉मेटाबोलिक एसिडोसिस: कारण, लक्षण, निदान और उपचार –

एसिडिटी (रोग) –
👉 लक्षण एसिडिटी का प्रमुख लक्षण है रोगी के सीने या छाती में जलन। अनेक बार एसिडिटी की वजह से सीने में दर्द भी रहता है, मुंह में खट्टा पानी आता है।

👉 जब रक्त में एसिडिटी बनने लगती है तो यह हृदय की नसों में ब्लॉकेज पैदा करती है। जिससे हृदय की नसें कठोर हो जाती है ।उस स्थिति में यह हार्ट अटैक का रूप ले सकती है। अटेक साइलेंट हो सकता है या दो-तीन दोरों के रूप में भी आ सकता है ।
👉 अचानक होने वाले हार्ट अटैक से बचने के लिए आप अपने भोजन में क्षारीय चीजों को शामिल करें जैसे:- लौकी का जूस , आंवला। पीपल के पत्तों का काढा़ । आदि । कच्चे फल और सब्जियां ज्यादा खाएं । सोयाबीन का तेल बंद करें और सफेद नमक बंद करें । इसकी जगह मूंगफली, तिल्ली का तेल खाएं और सेंधा नमक का सेवन करें।
और यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आप हमारे द्वारा निर्मित हृदय रक्षक को 4 से 5 महीने सेवन करके अपनी शरीर की सफाई कर सकते हैं और भविष्य में होने वाले हार्ट अटैक से बच सकते हैं ।
किमत-1550 रूपये ।
👉 अगर आपकी उम्र 30 साल से ज्यादा है तो इसका सेवन अवश्य करें । और अपने माता-पिता को अवश्य दें जिनको बीपी या और कोई समस्या हो।
जैसे गाड़ी की सफाई समय-समय पर होती है वैसे ही शरीर की सफाई होती रहे तो गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है ।
संपर्क – श्रीराम आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र जिला नीमच मध्य प्रदेश । संपर्क करें – 8223804827

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