नंगे पैर घास या मिट्टी पर चलना (अर्थिंग) पैर की मांसपेशियों को मजबूत करता है,
शारीरिक संतुलन में सुधार करता है, और तनाव कम करने के साथ-साथ तनाव (inflamation) को कम करने में मदद कर सकता है।
यह शरीर में रक्त संचार बढ़ाता है, जोड़ों के दर्द (घुटनों/पीठ) में राहत देता है
पैरों की मजबूती और चाल में सुधार: यह पैरों की छोटी मांसपेशियों और टेंडन को मजबूत करता है, जिससे चलने की शैली (natural gait) में सुधार होता है और संतुलन बेहतर होता है।
अर्थिंग (Earthing) या ग्राउंडिंग: पृथ्वी के साथ सीधा संपर्क शरीर में नकारात्मक इलेक्ट्रॉनों को अवशोषित करता है, जिससे सूजन (inflammation) कम होती है और तनाव में राहत मिलती है।
रक्त संचार और दर्द से राहत: नंगे पैर चलने से रक्त परिसंचरण बढ़ता है और यह पुरानी दर्द की समस्याओं, जैसे पीठ, घुटने, और कूल्हे के दर्द में मददगार हो सकता है।
तंत्रिका तंत्र (Nervous System) का उत्तेजन: यह पैरों के संवेदी तंत्रिकाओं (sensory nerves) को सक्रिय करता है, जिससे शरीर में जागरूकता और समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है।
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य: यह तनाव कम करने, नींद की गुणवत्ता में सुधार करने, और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायक है।
सावधानी:
नंगे पैर चलते समय चोट से बचने के लिए साफ सतहों (जैसे घास) पर ही चलें और यदि आपको मधुमेह (diabetes) जैसी कोई समस्या है, तो पैरों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।












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