NMC healthcare ,B R SETTY
एनएमसी का उदय (NMC Rise): 1975 में उन्होंने एक छोटा क्लिनिक, न्यू मेडिकल सेंटर (NMC) शुरू किया, जो आगे चलकर यूएई का सबसे बड़ा निजी हेल्थकेयर प्रदाता बना।
विशाल साम्राज्य: एनएमसी लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड थी और उन्होंने 31 देशों में यूएई एक्सचेंज का विस्तार किया था।
बदकिस्मती का मोड़: 2020 में मड्डी वाटर्स की रिपोर्ट के बाद, कथित वित्तीय गड़बड़ियों के चलते शेट्टी को एनएमसी बोर्ड से हटा दिया गया।
पतन: एक समय अरबों की संपत्ति होने के बाद, उन्हें कानूनी लड़ाइयों और कर्ज का सामना करना पड़ा।
वर्तमान स्थिति: 2025 में, दुबई की अदालत ने उन्हें एक बैंक को $46 मिलियन का भुगतान करने का आदेश दिया।
वह कर्नाटक के उडुपी से ताल्लुक रखते हैं और एक समय दुनिया के सबसे अमीर कन्नड़ लोगों में गिने जाते थे।
2019 में शेट्टी का साम्राज्य बिखरने लगा. यूके स्थित इन्वेस्टमेंट रिसर्च फर्म ‘Muddy Waters’, (जिसका नेतृत्व कार्सन ब्लॉक करते हैं), ने एक ट्वीट के जरिए शेट्टी पर अपने कैश फ्लो को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने और कर्ज को कम आंकने का आरोप लगाया. जैसे हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी पर लगाया था. इस ट्वीट के बाद NMC Health के शेयरों में भारी गिरावट आई और देखते ही देखते कंपनी की बाजार में कीमत अरबों रुपये घट गई. इसके बाद कंपनी पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के आरोप भी लगे. जांच के दौरान पता चला कि कंपनी के ऊपर 4 बिलियन डॉलर (करीब 29,500 करोड़ रुपये) का कर्ज था, जिसे सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया था.

मात्र 74 में बेची कंपनी
शेट्टी की कंपनी पर अत्यधिक कर्ज का बोझ आ गया और वित्तीय अस्थिरता के चलते उन्हें मजबूरन अपनी 12,478 करोड़ रुपये की कंपनी मात्र 74 रुपये में एक इजरायली-यूएई कंसोर्टियम को बेचनी पड़ी. यह कॉर्पोरेट जगत के सबसे चौंकाने वाले पतनों में से एक था. बीआर शेट्टी ने धोखाधड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की. उन्होंने दावा किया कि वह खुद एक बड़ी साजिश का शिकार हुए हैं.












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