मुठभेड़ केस: जर्रार हुसैन, सुनील सिंह सहित चार पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री अवार्ड, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को होगा सम्मान
सहारनपुर| वर्ष 2020 की चर्चित साहसिक मुठभेड़ में अदम्य साहस का परिचय देने वाले चार पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रेजीडेंट मेडल ऑफ गैलेंट्री दिए जाने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। यह सम्मान उन्हें 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के अवसर पर प्रदान किया जाएगा।
मामला 16 मार्च 2020 की रात का है, जब करीब साढ़े 11 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश असलहों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम रजनीश उपाध्याय, थाना मंडी पुलिस और अभिसूचना विंग की संयुक्त टीम ने सकलापुरी रोड स्थित एक बाग की घेराबंदी की।
खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बदमाश आबाद पुत्र लक मीरा निवासी ग्राम दतौली मुगल थाना फतेहपुर को ढेर कर दिया गया था।
बदमाशों की फायरिंग में उपनिरीक्षक सुनील कुमार (वर्तमान तैनाती बिजनौर) और आरक्षी कुणाल मलिक (वर्तमान तैनाती सहारनपुर) घायल हो गए। वहीं तत्कालीन सीओ नगर प्रथम रजनीश उपाध्याय (वर्तमान में सीओ सिटी बदायूं) और तत्कालीन एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक जर्रार हुसैन की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोलियां लगी थी।
इस मुठभेड़ में असाधारण वीरता और कर्तव्यपरायणता दिखाने वाले सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय, तत्कालीन एसओजी प्रभारी जर्रार हुसैन, उपनिरीक्षक सुनील सिंह और सिपाही कुणाल मलिक को गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। गौरतलब है कि जर्रार हुसैन वर्ष 2017 में भी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं, जिससे यह सम्मान और भी विशेष बन गया है। यह उपलब्धि सहारनपुर पुलिस के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है।












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